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Nagpur

Samruddhi Express-way: 624 दुर्घटनाओं में 92 लोगों की गई जान, ड्राइवर को नींद आने से ज्यादा एक्सीडेंट


नागपुर: हिन्दू ह्रदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे (Samruddhi Expressway) पर हादसों का सिलसिला जारी है। बीते वर्ष 11 दिसंबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस महामार्ग का उद्घटना किया था, तब से लेकर 3 जुलाई, 2023 के बीच कुल 624 दुर्घटनाएं हुई। जिनमें 92 लोगों की मौत हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इनमें से 192 दुर्घटनाएं ड्राइवर को नींद लगने के कारण हुई हैं।

राज्य सरकार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान कुल 41 दुर्घटनाओं में मौतें हुई हैं, जिनमें 92 लोगों की जान गई है। वहीं, 89 दुर्घटनाओं में कुल 225 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और 215 दुर्घटनाओं में लगभग 436 लोगों को मामूली चोटें आईं।

सरकारी रिकॉर्ड कहता है कि 98 दुर्घटनाएं 'अन्य' कारणों से हुई हैं। समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर हादसों का एक बड़ा कारण हाईवे हिप्नोसिस को बताया जा रहा है और सरकार इस पर अंकुश लगाने के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है। हालाँकि, इसे दुर्घटना श्रेणी में नहीं बताया गया है। सरकारी आंकड़ों में 'अन्य' कारण से नौ मौतें, 46 गंभीर रूप से घायल और 66 मामूली घायल बताए गए हैं।

सरकारी आंकड़ों में उल्लिखित दुर्घटना के कारणों में टायर फटना, नींद/थकान, यांत्रिक दोष, तेज गति से गाड़ी चलाना, मवेशी/जानवरों का सड़क पार करना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग करना, पार्किंग या खराब वाहन, नशे में गाड़ी चलाना और अन्य शामिल हैं।

घातक श्रेणी में, तेज़ गति के कारण 18 दुर्घटनाएं हुईं, जबकि नींद/थकावट के कारण 10 दुर्घटनाएँ हुईं, जिसके परिणामस्वरूप क्रमशः 29 और 41 मौतें हुई हैं। टायर फटने की चार घटनाओं में 10 लोगों की जान जा चुकी है। कुल 624 दुर्घटनाओं में से 279 में किसी को कोई चोट नहीं लगी।

प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि 624 में से सबसे ज्यादा 186 दुर्घटनाएं सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे के दौरान हुई हैं और 145 दुर्घटनाएं दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के दौरान हुई हैं। रिकॉर्ड में रात 3 बजे से सुबह 6 बजे के दौरान 122 दुर्घटनाएं बताई गई हैं। रात 12 बजे से 3 बजे के दौरान हुई दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें (39) दर्ज की गई हैं, जबकि सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे के दौरान 21 मौतें दर्ज की गई हैं।

समृद्धि एक्सप्रेसवे की नागपुर रेंज, जो नागपुर जिले से शुरू होकर बुलढाणा तक जाती है, इसमें सबसे अधिक (383) दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके बाद औरंगाबाद रेंज का नंबर आता है जहां में 220 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। कुल 92 मौतों में से 63 लोगों की मौत नागपुर रेंज में हुई है, जबकि 17 मौतें औरंगाबाद रेंज में दर्ज की गई हैं।