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Nagpur

प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सरसंघचालक मोहन भागवत ने लिखा लेख, विवाद समाप्त करने का किया आग्रह


नागपुर: राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने अयोध्या में होने वाले श्री राम लाला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर एक लेख लिखा है।  लेख डॉ भागवत ने कहा है कि भगवान राम का जीवन सभी के लिए आदर्श है, इसलिए अकारण विवाद समाप्त होने चाहिए।      

भागवत ने लिखा, “विदेशी आक्रमणकारियों ने भारत में मंदिरों को भी नष्ट कर दिया। ऐसा उन्होंने एक बार नहीं, बल्कि अनेकों बार किया। उनका उद्देश्य भारतीय समाज को हतोत्साहित करना था ताकि भारतीय स्थायी रूप से कमजोर हो जाएँ और वे उन पर अबाधित शासन कर सकें।”

उन्होंने कहा, “अयोध्या में श्रीराम मंदिर का विध्वंस भी इसी मनोभाव से, इसी उद्देश्य से किया गया था। आक्रमणकारियों की यह नीति केवल अयोध्या या किसी एक मंदिर तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए थी।”

भागवत ने लिखा, “धार्मिक दृष्टि से श्री राम बहुसंख्यक समाज के आराध्य देव हैं और श्री रामचन्द्र का जीवन आज भी संपूर्ण समाज द्वारा स्वीकृत आचरण का आदर्श है। इसलिए अब अकारण विवाद को ख़त्म कर देना चाहिए। इस बीच में उत्पन्न हुई कड़वाहट भी समाप्त होनी चाहिए।”