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Nagpur

Satellite Terminal: नए प्लेटफार्म का काम 30 प्रतिशत पूरा, जोड़ने के लिए दो नए फुटओवर ब्रिज का निर्माण


नागपुर: सीताबर्डी स्टेशन में रेलगाड़ियों और यात्रियों की बढ़ती भीड़ से स्टेशन पर दवाब बढ़ता जा रहा है। इसी को कम करने के लिए मध्य रेलवे ने अजनी स्टेशन को सैटेलाइट टर्मिनल के विस्तार करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत स्टेशन पर चार नए प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। मध्य रेलवे ने शुक्रवार को निर्माण को लेकर जानकारी साझा की है। जिसके तहत नए प्लेटफार्म के निर्माण का 30 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। प्लेटफार्म के लिए पटरियों का बिछाने काम समाप्त हो गया है।

केंद्र सरकार ने अजनी स्टेशन का विकास सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में करने का निर्णय है। बीते वर्ष दिसंबर महोने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका भूमिपूजन किया था। इस पुनर्विकास में 350 रूपये खर्च आने वाला है। हालांकि, मंजूरी नहीं मिलने के कारण स्टेशन के निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। लेकिन मुख्या स्टेशन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अमृत भारत योजना के तहत निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। 

पहले जान लेते हैं क्या है सैटेलाइट टर्मिनल? 

सेटेलाइट  रेलवे स्टेशन पर ही रेलवे स्टेशन जासी ही सुविधाएं होती है। जैसे प्रतीक्षालय रूम, विश्राम गृह, एसकेलेटर यानी बिजली से चलने वाली सीढिय़ां, इंडक्शन बोर्ड, इनक्वायरी रूम, टेलीफोन सुविधा, प्लेटफॉर्म टिकट मशीन, विकलांगों के लिए सुविधा, कुली, रिटारयमेंट रूम, पीने का पानी, सफाई, लाइट सुविधा रेलवे स्टेशन पर होती हैं।

यह काम करेगी रेलवे

अजनी स्टेशन पर वर्तमान में तीन प्लेटफार्म मौजूद है। जिन्हें बढ़ाकर सात करने का निर्णय किया गया है। जिसके तहत 26 डिब्बों वाली ट्रेन खड़ी होने लायक चार नए प्लेटफार्म किया जाएगा। इसी के साथ सभी प्लेटफार्म को जोड़ने के लिए दो नए फूट ओवरब्रिज का भी निर्माण किया जायेगा। द्वितीयक रखरखाव सुविधा के साथ 4 नई स्टेबलिंग लाइन, ट्रेन परीक्षण के लिए 1 नई पिट लाइन, यांत्रिक कार्यों के लिए बिल्डिंग, प्लेटफार्म पर 500 मीटर के कवर ओवर शेड का निर्माण, कोच में पानी की सुविधा का निर्माण शामिल है। इस काम में 45.33 करोड़ रूपये खर्च किये जाने वाले हैं। 

ये काम हुए पुरे

मध्य रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, निर्माण का 30 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। रेलवे ने बताया कि, सभी सेवा भवन जैसे यांत्रिक कार्य आदि पूरे हो गए। 585 मीटर में से 520 मीटर लंबाई की वाशिंग पिट लाइन सहित नाली निर्माण का काम पूरा हो गया है। ट्रैक को यार्ड से जोड़ने का काम चल रहा है। साथ ही सभी सिविल कार्यों, नए प्लेटफार्मों, प्लेटफार्मों पर कवरशेड, वाशिंग पिट लाइन, स्टेबलिंग लाइन, कोच वॉटरिंग पाथवे, सर्विस बिल्डिंग आदि के निर्माण के लिए सभी ठेके दिए गए हैं। 4 स्टेबलिंग लाइनों में से प्रत्येक 400 मीटर की ट्रैक लिंकिंग का काम पूरा हो चुका है।

नागरिकों को मिलेगी बड़ी राहत 

वर्तमान में सीताबर्डी 254 मेल/एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें स्टेशन पर रुकती हैं। जिसमें लगभग 185,000 यात्री चढ़ते और उतरते हैं। 22 ट्रेनें इस स्टेशन से शुरू होती हैं और यहीं समाप्त होती हैं। भारत के अधिकांश राज्यों की राजधानियों और प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं। जिसके कारण स्टेशन में दवाब बढ़ता जा रहा है। जिस कारण वहां मौजूद सुविधाएं कम पड़ रही है। वहीं अजनी स्टेशन पर प्लेटफार्म बनने के बाद जहां नागपुर स्टेशन का भार कम होगा, वहीं यात्रियों को भी बड़ी सुविधा होगी।