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Nagpur

Nagpur: वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर भाऊ झिटे का निधन


नागपुर: वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता, नागपुर के दाभा में स्थित अंतर भारती होम्योपैथी कॉलेज व आश्रम, निदेशक डाॅ. भाऊ झिटे का आज तड़के 4:45 बजे हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया। उन्होंने 95 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।

झिटे, होम्योपैथी से लाखों मरीजों का निःशुल्क इलाज करने वाले, नशा मुक्ति के क्षेत्र में अग्रणी होने के लिए जाने जाते थे। शाम 4 बजे अंतर भारती आश्रम दाभा स्थित आश्रम में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

डॉ भाऊ झिटे का जन्म 20 नवंबर 1930 को यवतमाल जिले के पचगांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा न्यू इंग्लिश हाई स्कूल, वर्धा से पूरी की। कम उम्र में क्षय रोग होने के कारण उन्हें इलाज के लिए नागपुर में डॉ गुमास्ता के पास भर्ती कराया गया। इलाज के बाद भाऊ ने गुमास्ता के डिस्पेंसर के रूप में काम करना शुरू कर दिया।

वर्ष 1959 में,  सुना रहने वाले दभा में उन्होंने दस एकड़ की जमीन पर अंतर भारती आश्रम की स्थापना की। इस अंतर भारती आश्रम में अनेक गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।

1975 में, भाउ ने अंतर भारती कॉलेज ऑफ होम्योपैथी की स्थापना की। यह आश्रम न केवल चिकित्सा देखभाल के लिए हैं, बल्कि योग शिक्षा, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक उत्थान के लिए भी है। आश्रम को पूरे विदर्भ में सेवाभावी आश्रम के मॉडल के रूप में जाना जाने लगा है। साथ ही यहां पर गाय पालन और आत्मनिर्भर परिधान निर्माण परियोजनाएँ भी बिना निस्वार्थ चलायी जाती हैं।