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Nagpur

स्मार्ट सिटी या लापरवाह सिटी! रख-रखाव के आभाव में गायब होने लगे डस्टबिन


नागपुर: नागपुर को स्मार्ट सिटी बनने के लिए विभिन्न काम किए जा रहे हैं। फिर चाहे सड़को का सीमेंटीकरण करना हो या अन्य कोई काम। शहर को देश और दुनिया के नक्से पर एक विकसित सिटी के तौर पर स्थापित करने के लिए हर वो काम किया जा रहा है जो करना चाहिए। लेकिन यह उपाय केवल किये जा रहे हैं। उसकी देखभाल या रख-रखाव में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर के सभी सार्वजनिक और सडको को स्वच्छ रखने के लिए मनपा ने शहर एक सभी प्रमुख क्षेत्रों में डस्टबिन लगाया हुआ था, लेकिन रख-रखाव नहीं करने के कारण या तो वह टूट गए हैं या कोई उन्हें उठा ले गया। 

सार्वजनिक जगहों को स्वच्छ रखने के लिए नागपुर महानगर पालिका ने शहर के प्रमुख क्षेत्रों में डेढ़ करोड़ रूपये खर्च कर ट्विनबिंन्स लगाए थे। मनपा ने प्रमुख और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 2000 डस्टबिन लगाने का काम किया था, लेकिन एक साल के अंदर ही ये गायब होते दिखाई दे रहे हैं। 

मनपा ने शहर के अंदर डस्टबिन की स्थिति जांचने के लिए पांच सदस्यीय सर्वेक्षण समिति का गठन किया है। सर्वेक्षण में कई जगहों से डस्टबिन के गायब होने और कईयों में तोड़फोड़ करने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक यह सामने नहीं आयाहै कि, कितनी जगहों से ये गायब हुए हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद मनपा ने सफाई कर्मचरियों को इन डस्टबिन की निगरानी करने का आदेश दिया है।

यह पहला मौका नहीं जब यह हुआ 

साल 2003 में मनपा ने पहली बार सडको को साफ़ रखने और कोई कचरा यहाँ वहां न फेंके इसलिए शहर में पिले कलर के डस्टबिन लगाए थे, लेकिन कुछ ही सालो में यह गायब हो गए। उस समय भी रख-रखाव नहीं होने के कारण या तो जंग लगकर वह सड़ गए या तो कोई उन्हें चोरी कर ले गया। 2017-18 में एक बार फिर शहर के अंदर ठोस प्लास्टिक के हरे और नीले कलर के डस्टबिन लगाया गया। लेकिन इसका हाल भी पिछली बार की तरह हुआ। एक से दो साल में यह शहर से गायब हो गए।