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Nagpur: दवाई के नाम पर भेजी मिटटी, पुलिस ने नाइजीरियन सहित चार को किया गिरफ्तार


नागपुर: नाइजीरियन मूल का एक आरोपी अपनी पत्नी के साथ मिलकर देश में फार्मास्यूटिकल व्यवसाईयों को दवाई में इस्तेमाल होने वाले पाउडर के नाम पर मिट्टी बेच रहे थे। साइबर पुलिस ने फार्मा वेबसाई की शिकायत पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके ने साथियों के तलाश कर रही है।

नागपुर साइबर पुलिस थाने में फरियादी फार्मा वेबसाइट निलेश जीवतोड़े की शिकायत पर धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज हुआ था। निलेश ने अपनी शिकायत में बताया था कि कार्डियक ऑर्गेनिक पाउडर जो की दवाइयां में इस्तेमाल होता है के नाम पर उसके साथ यह धोखाधड़ी हुई थी। दरअसल निलेश ने कुछ समय पहले ही दवाइयों को एक्सपोर्ट करने का काम शुरू किया था।

उसे ऑनलाइन आरोपी डेस्मंड जेफरी ने संपर्क किया और बताया कि वह भारत में अपने फार्मा व्यवसाय के लिए सप्लायर की तलाश कर रहे हैं। उसी ने कार्डियक ऑर्गेनिक पाउडर की जरूरत बताई थी जिसके लिए मुंबई की वैशाली कुमार नामक अपने साथी का एड्रेस दिया था। दरअसल यह पूरा गिरोह संगठित रूप में काम कर रहा था।

इस गिरोह का सरगना  चिनोसो नवांकव रफ़ीक उर्फ टिन्नी क्रिश्चियन ऍगस्टीन बताया जा रहा है जो कि मूल रूप से नाइजीरिया का रहने वाला है और ठाणे के डोंबिवली के एक फ्लैट में अपनी पत्नी आरोपी वैशाली कुमार उर्फ स्टेफी के साथ मिलकर धोखाधड़ी के इस गिरोह को चल रहा था। इस मामले में लक्ष्मण बागवे, शकील अहमद और बबलू कुमार शर्मा नामक उसके अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

बताया जा रहा है कि चिनोसो ऍगस्टीन के खिलाफ इससे पहले भी मुंबई में एक धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था जिसकी जांच मुंबई सीआईडी कर रही है। पुलिस ने आरोपि का पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जप्त किए हैं जिसके तहत भी अलग से मामला दर्ज किया गया है।

जांच में पता चला कि धोखाधड़ी की इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग करीब 52 बैंक खाते खुलवाए गए थे। इन खातों के साथ ही ऍगस्टीन के व्यक्तिगत खाते को भी पुलिस ने सीज किया है। मोबाइल फोन सहित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज पुलिस ने इस मामले में बरामद किए हैं और आगे की जांच कर रही है।