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Nagpur

निलंबित पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को लें वापस, नहीं तो राज्य भर में होगा आंदोलन


नागपुर: जालना जिले में हुए वाक्य के बाद निलंबित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को 20 सितंबर 2023 तक सेवा में बहाल किया जाना चाहिए। साथ ही इस दौरान घायल हुए महिला व पुरुष पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को आर्थिक सहायता दी जाए। शुक्रवार को महाराष्ट्र पुलिस बॉयज़ एसोसिएशन की ओर से अमरावती जिला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अविनाश बार्गल को पत्र सौंप कर यह मांग की। इसी के साथ ऐसा नहीं होने पर राज्यभर में आंदोलन करने की चेतवानी भी दी। 

कुछ दिन पहले जालना जिले के अंतरवाली में लाठीचार्ज के आरोप में जालना जिले की पुलिस एसपी और कर्मचारियों को सरकार ने निलंबित कर दिया है। पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी एवं कर्तव्य का पालन कर रहे हैं। देश और महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग लगातार काम कर रहा है। ऐसे विरोध प्रदर्शन में लाठीचार्ज के आरोप में निलंबित किये जाने से राज्य के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रदर्शन के दौरान हल्का लाठीचार्ज भी हुआ, जो भले ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया हो, लेकिन भीड़ के पथराव से कई पुलिस अधिकारी और जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों जिनका इलाज चल रहा है उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए साथ ही निलंबित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 20 तारीख तक सेवा में शामिल कर महाराष्ट्र राज्य में पुलिस को मजबूती प्रदान की जाए। 

वहीं मांग पूरी नहीं होने पर पुलिस बॉयज एसोसिएशन पूरे महाराष्ट्र में चक्काजाम आंदोलन और भूख हड़ताल का रुख अपनाएगा। वक्तव्य देते समय मुख्य रूप से शुभम भटकर, राकेश कसार, आशीष डारने, अंकुश राऊत, जयंत कुथे, खुशाली चव्हाण, प्रिया सरवरे, तृप्ति मेश्राम आदि सहित महाराष्ट्र पुलिस बॉयज़ एसोसिएशन के सभी सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित थे।