logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

तिहरे हत्याकांड के आरोपी बिरहा की फांसी हुई रद्द, हाई कोर्ट ने दोहरे आजीवन कारावास में किया तब्दील


नागपुर: तिहरे हत्याकांड के दोषी राजू छन्नुलाल बिरहा (55) की फांसी की सजा बरकरार रहेगी या नहीं, इस बना सस्पेंस आज खत्म हो गया. मुंबई हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने बिरहा की फांसी की सजा को रद्द करते हुए उसे दोहरे आजीवन कारावास तब्दील कर दिया है। 

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने आज मंगलवार 31 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट के आदेश के बाद नागपुर मध्यवर्ती कारागृह के अधिकारी ने बिरहा के व्यवहार पर रिपोर्ट पेश की थी। बता दें कि 28 दिसंबर 2022 को नागपुर सत्र न्यायालय ने तिहरे हत्याकांड में दोषी करार देते हुए कुख्यात राजू बिरहा को फांसी की सजा सुनाई थी। फौजदारी प्रक्रिया संहिता की कलम 366 के अनुसार सजा क्रियान्वित करने के लिए हाई कोर्ट की मुहर अनिवार्य है। इसलिए सत्र न्यायालय ने यह मामला हाई कोर्ट के समक्ष रखा था। 

वहीं, राजू बिरहा ने भी अपील दायर की थी। जुलाई में न्या विनय जोशी और वाल्मीकि मेनेझेस के समक्ष अंतिम सुनवाई हुई जिसके बाद सभी का पक्ष सुनकर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनते हुए फांसी की सजा को रद्द करते हुए आरोपी की सजा को दोहरे आजीवन कारावास में तब्दील किया है। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से एड. संजय डोईफोडे, जबकि आरोपी की ओर से एड. अनिल मार्डीकर व एड. सुमित जोशी ने पैरवी की। 

क्या था मामला   

17 नवंबर 2015 की रात 9 से 10 बजे के बीच हिंगना थाना अंतर्गत आने वाले मौजा वागधरा शिवार में यह घटना घटी थी। दरअसल कई दिनों से राजू बिरहा और सुनील कोटांगले के बीच पान टपरी की जगह को लेकर विवाद चल रहा था। ऐसे में घटना के वक्त जब सुनील अपने मित्र आशीष ऊर्फ गोलू गायकवाड़ और कैलाश बहादुरे के साथ खड़े होकर आपस में बात कर रहे थे, तब बिरहा अपने साथी कमलेश के साथ वहां आ पहुंचा और उसने सत्तूर से सुनील पर हमला कर उसे वहीं पर ढेर कर दिया। इस दौरान आशीष और कैलाश जब भागने लगे, तो उसने बाइक से दोनों का पीछा किया और उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया था।