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Nagpur

जीएमआर की हुई जीत, नागपुर एयरपोर्ट के रिडेवलप्मेंट का रास्ता हुआ साफ


नागपुर: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को निजी कंपनी जीएमआर एयरपोर्ट्स को नागपुर के बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अपग्रेड और संचालित करने की अनुमति देने के अपने फैसले के खिलाफ केंद्र और विमानपत्तन प्राधिकरण प्राधिकरण की पुनर्विचार याचिका पर कार्यवाही बंद कर दी। अदालत के आदेश के बाद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट कर अपनी ख़ुशी व्यक्त की है अदालत में शुरू मामलों की वजह से नागपुर एयरपोर्ट के पुनर्विकास का काम लंबे समय से प्रलंबित था। 

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की स्वतंत्र राय पर शीर्ष अदालत का यह फैसला लिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी राय में कहा गया था कि केंद्र और एएआई की सुधारात्मक याचिकाएं, ऐसी याचिकाओं पर विचार करने के लिए निर्धारित कानूनी मापदंडों के अंतर्गत नहीं आतीं।

नागपुर एयरपोर्ट के पुनर्विकास का मसला लंबे समय से क़ानूनी प्रक्रिया के चलते अटका हुआ था लेकिन शुक्रवार को अदालत के निर्णय के बाद अब इसका रास्ता साफ हो गया है। नागपुर में मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब और एयरपोर्ट के निर्माण का काम जीएमआर को मिला था, जिसके बाद राज्य सरकार ने जीएमआर के करार को रद्द कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर 9 मई 2022 को कंपनी के पक्ष में निर्णय दिया था। 

हाईकोर्ट के निर्णय के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था जिसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया पक्षकार थी। शुक्रवार को अदालत के निर्णय के बाद एयरपोर्ट के विकास का रास्ता साफ हो गया है।