भांडेवाडी पहुंचकर CM देवेंद्र फडणवीस ने किया 'एकीकृत शहरी घनकचरा प्रक्रिया केंद्र' का किया निरिक्षण, कहा- देश के लिए बनेगा मॉडल
नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को नागपुर दौरे पर रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भांडेवाड़ी स्थित नागपुर महानगर पालिका के एकीकृत शहरी घनकचरा प्रक्रिया केंद्र' और राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज कैंसर अस्पताल का निरिक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली साथ ही प्रशासन सहित अधिकारीयों को गुणवत्तापूर्वक काम करने और समय पर काम पूरा करने का आदेश दिया।
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले भांडेवाड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने नागपुर महानगर पालिका के एकीकृत शहरी घनकचरा प्रक्रिया केंद्र' का निरक्षण किया। 30 एकड़ में विकसित हो रही इस परियोजना का काम नूजीलैंड की सहायता से किया जा रहा है। 300 करोड़ की लागत से निर्माण हो रहे यह एक ऐसा आधुनिक और वैज्ञानिक केंद्र है, जहाँ शहरों में उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे को एक ही स्थान पर एकत्रित करके उसका विभिन्न तकनीकों द्वारा सुरक्षित निपटान किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कचरे का वैज्ञानिक तरीके से वर्गीकरण कर उससे खाद, ऊर्जा (जैसे बायोगैस या बिजली) और रिसाइकिल होने योग्य वस्तुएं बनाना है।
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले भांडेवाड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने नागपुर महानगर पालिका के एकीकृत शहरी घनकचरा प्रक्रिया केंद्र' का निरक्षण किया। 30 एकड़ में विकसित हो रही इस परियोजना का काम नूजीलैंड की सहायता से किया जा रहा है। 300 करोड़ की लागत से निर्माण हो रहे यह एक ऐसा आधुनिक और वैज्ञानिक केंद्र है, जहाँ शहरों में उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे को एक ही स्थान पर एकत्रित करके उसका विभिन्न तकनीकों द्वारा सुरक्षित निपटान किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कचरे का वैज्ञानिक तरीके से वर्गीकरण कर उससे खाद, ऊर्जा (जैसे बायोगैस या बिजली) और रिसाइकिल होने योग्य वस्तुएं बनाना है।
तीन चरणों में होगा संचालित
निरक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, "परियोजना को तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में 400 टन, दूसरे चरण में अतिरिक्त 400 टन और अगस्त 2026 तक कुल 1200 टन कचरे पर वैज्ञानिक तरीके से प्रक्रिया करने की क्षमता विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगस्त 2026 तक यह परियोजना अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य करने लगेगी।
देशभर के लिए एक आदर्श मॉडल
देशभर के लिए एक आदर्श मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता शहर के कचरे को संसाधित कर उससे उपयोगी उत्पाद तैयार करना है। परियोजना से प्रतिदिन लगभग 28 टीपीडी बायोगैस का उत्पादन होगा। इसके साथ ही करीब 120 टीपीडी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद और 400 टीपीडी आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) का उत्पादन किया जाएगा, जिसका उपयोग सीमेंट उद्योग और अन्य औद्योगिक इकाइयों में ईंधन के रूप में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना पूरी तरह निजी निवेश से विकसित की गई है, जिसके कारण महानगरपालिका को किसी प्रकार की ‘टिपिंग फीस’ नहीं देनी पड़ेगी।
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