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Agniveer Yojana: चुनाव में मिले फटके के बाद जागी सरकार, करने जा रही बड़े बदलव! जानें अब कैसे होंगे नियम


नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को उस तरह की कामयाबी नहीं मिली, जिसकी अपेक्षा वह कर रहे थे। उत्तर प्रदेश सहित महाराष्ट्र में भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा को पड़े फटके में कई कारण गिनाये जा रहे हैं। जिसमें आरक्षण, उम्मीदवारों के प्रति नाराजगी, नेताओं का जनता से दूर होगा, विपक्ष की मजबूती आदि शामिल है। हालांकि, इन कारणों में अग्निवीर योजना भी शामिल है। युवाओं में इस योजना को लेकर नाराजगी देखी गई, जिसका खामियाजा चुनाव में भाजपा और पीएम मोदी को उठाना पड़ा।

चुनाव में हुए नुकसान के बाद केंद्र सरकार आगामी दिनों में इस योजना को लेकर बड़ा निर्णय ले सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने योजना में समीक्षा और सुधार के लिए 10 विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों की एक समिति बनाने का निस्चय किया है। यह समिति अग्निवीर योजना में किस तरह में बदलव कर सकते हैं। इसको लेकर सरकार को सुझाव देगी। इसी के साथ भविष्य में तीनों सेनाओं में युवाओं को किस तरह शामिल किया जा सकता है यह भी बताएगी। 

समिति के रिपोर्ट जमा करने के बाद सरकार अग्निवीर योजना को लेकर मिले सुझावों पर काम करना शुरू कर देगी। इस रिपोर्ट में जानेंगे कि, अगर अग्निवीर योजना में सरकार बदलव करती है तो वह कौन से बदलाव होंगे। इसी के साथ वर्तमान नियमों की जगह किस नियमों का पालन भर्ती और रिटायरमेंट पर लिया जा सकता है। 

पहले जान लें क्या है अग्निवीर योजना? 

केंद्र सरकार ने तीनों सेनाओं में भर्ती की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अग्निवीर योजना को 16 जून 2022 को सार्वजनिक की थी। इस योजना का के तहत  17.5 साल से 23 साल के बीच के युवाओं को चार साल के लिए शामिल किया जाएगा। वहीं चार साल बाद 25 प्रतिशत अग्निवीर को तीनों सेनाओं में शामिल कर लिया जाएगा। वहीं बाकी बचे हुए अग्निवीर फिर से सिविलयन्स की तरह वापस लौटेंगे। इस दौरान अगर कोई अग्निवीर शहीद हो जाता है तो उसे सेना की तरफ से शहीद का दर्ज नहीं दिया जाता है। सरकार साल में दो बार योजना के तहत अग्निवीरो की भर्ती करेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार देना और सेना में मौजूदा अधिकारीयों की उम्र को कम करना है। 

अब यह बदलव कर सकती है:

मीडिया में चल रही खबरों की माने तो सरकार योजना में बड़ा बदलव करने पर विचार कर रही है। जिसमें अग्निवीरो के कार्यकाल से लेकर उन्हें तीनों सेनाओं में नियमित करने का प्रतिशत बढ़ाना भी शामिल है।

  • सरकार अग्निवीर का कार्यकाल चार साल से बढाकर सात साल कर सकती है। 
  • वर्तमान में अग्निवीर बनने की उम्र सरकार ने 17.5 साल से 23 साल के बीच रखी है, जिसे सरकार बढ़ा भी सकती है। 
  • पहले चार साल की सेवा करने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरो को तीनों सेनाओं में शामिल करती थी। वहीं अब इस संख्या को 70 प्रतिशत कर सकती है। यही तीन तिहाई से ज्यादा अग्निवीरो को नियमित किया जा सकेगा। 
  • इस दौरान सरकार अग्निवीर की तख्वाह सहित कार्यकाल समाप्त होने के बाद मिलने वाली रकम में भी बढ़ोतरी कर सकती है। 
  • वर्तमान में अग्निवीर को 24 महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसे सरकार बढाकर 35 महीने कर सकती है। 
  • इसी के साथ प्रशक्षण के दौरान कोई चोटिल होगया या शरीर से अपांग हो गया तो उसे मिलने वाली राशि भी दोगुना किया जा सकता है। 
  • अग्निवीर सेवा समाप्त होने के बाद उसे पूर्व सैनिक का दर्जा देने पर विचार कर सकती है सरकार।