logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
National

परिजनों द्वारा अभद्रता करने पर मरीज का इलाज करने से मना कर सकते हैं रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स


नई दिल्ली: डॉक्टरों के विरुद्ध हो रही हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन ने नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कहा गया है कि रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स (आरएमपी) उन मरीजों या रिश्तेदारों का इलाज करने से इनकार कर सकते हैं जो डॉक्टरों के साथ गालीगलौज, मारपीट व हिंसा करने पर उतारू हो जाते हैं.

नोटिफिकेशन में ये भी कहा गया कि मरीजों के अभद्र आचरण के खिलाफ डॉक्टर नेशनल मेडिकल कमीशन से शिकायत भी कर सकते हैं ताकि मरीज को इलाज के लिए कहीं और भी रेफर कर दिया जाएगा. ये नियम मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के मेडिकल एथिक्स कोड 2002 की जगह लेंगे. यह पहली बार होगा जब डॉक्टरों को ऐसे मरीजों के इलाज करने से इनकार करने का अधिकार मिलेगा.

दवा कंपनियों से उपहार लेने से मनाही 
नोटिफिकेशन में साफतौर पर कहा गया कि डॉक्टर व उनके परिवार फार्मास्यूटिकल कंपनियों से कोई उपहार, यात्रा सुविधाएं, परामर्श शुल्क या मनोरंजन सुविधा लेने से परहेज करें. आरएमपी को फार्मास्यूटिकल कंपनियों या उससे संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं के सेमिनार, कार्यशाला, संगोष्ठी, सम्मेलन से दूर रहना चाहिए.

आरएमपी के नोटिफिकेशन में कहा गया कि इमरजेंसी केस को छोड़कर डॉक्टर ये तय करने के लिए स्वतंत्र हैं कि वह किस मरीज का इलाज करें. आरएमपी की मरीजों के प्रति जवाबदेही है साथ ही उनकी उपेक्षा करने से बचना चाहिए. मरीजों के इलाज से संबंधित हर बात को उनके परिजनों से भी साझा करना चाहिए और बिना किसी कारण के केस देखने से हटना नहीं चाहिए. डॉक्टरों को मरीजों के इलाज से पहले परामर्श शुल्क की भी जानकारी देनी होगी. अगर मरीजों की सर्जरी करनी है तो उसमें आने वाला खर्च भी बताना होगा.