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CAA के तहत 300 से अधिक लोग बने भारतीय नागरिक


नई दिल्ली: पिछले कुछ वर्षों में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत 300 से अधिक लोग भारतीय नागरिक बन गए हैं। 14 लोगों को नई दिल्ली में एक इंटरैक्टिव सत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला द्वारा नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे गए। यह सत्र 15 मई 2024 को आयोजित किया गया था।

CAA क्या है?

CAA, यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 में भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। इस अधिनियम के तहत, इन शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए सामान्य प्रक्रियाओं से छूट दी गई है, जिससे वे जल्द ही नागरिक बन सकते हैं।

300 से अधिक लोग बने भारतीय नागरिक

इस अधिनियम के पारित होने के बाद से, 300 से अधिक लोग भारतीय नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से 14 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने दिल्ली में एक इंटरैक्टिव सत्र में सौंपे। इस सत्र का उद्देश्य नागरिकता प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना था, साथ ही नागरिकता प्राप्त करने वालों के साथ बातचीत करना था।

सत्र के मुख्य बिंदु

इस सत्र में नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों के अनुभव और उनकी प्रतिक्रियाओं को साझा किया गया। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने इन नए नागरिकों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उन सभी शरणार्थियों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भारत की शरण ली है। यह नागरिकता प्रमाण पत्र उन्हें एक नई पहचान और सुरक्षा प्रदान करेगा, जिससे वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकेंगे।

प्रतिक्रियाएँ और अनुभव

नागरिकता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा किए और भारत सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि CAA के तहत मिली इस नागरिकता ने उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा लाई है। कई लोगों ने बताया कि वे वर्षों से भारतीय नागरिकता की प्रतीक्षा कर रहे थे, और अब जब उन्हें यह मिल गई है, तो वे बेहद खुश हैं और अपने नए जीवन की शुरुआत के लिए उत्साहित हैं।

आगे की राह

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि CAA के तहत और भी आवेदन प्रक्रियाधीन हैं, और आने वाले महीनों में और भी लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे जाएंगे। सरकार इस प्रक्रिया को और भी सरल और त्वरित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि योग्य शरणार्थियों को शीघ्रता से नागरिकता प्राप्त हो सके।

निष्कर्ष


CAA के तहत 300 से अधिक लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अधिनियम उन शरणार्थियों के लिए एक नई आशा की किरण है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने देश को छोड़ा और भारत में शरण ली। सरकार के इस कदम से न केवल इन लोगों को एक नई पहचान और सुरक्षा मिली है, बल्कि यह भारत की उदार और समावेशी नीतियों का भी परिचायक है। आने वाले समय में, और भी लोग इस अधिनियम के तहत भारतीय नागरिक बनकर अपने जीवन की नई शुरुआत करेंगे।