logo_banner
Breaking
  • ⁕ नववर्ष के प्रथम दिन उपराजधानी नागपुर के मंदिरो में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भगवान से सुख समृद्धि की कामना करते नजर आए भक्त ⁕
  • ⁕ टिकट नहीं मिलने से भाजपा कांग्रेस में बगावत के सुर, नाराज कार्यकर्ताओं को मानने में जुटे वरिष्ठ नेता ⁕
  • ⁕ Chandrapur: शिवसेना (उबाठा) वंचित के साथ, 50-50 फॉर्मूले पर सहमति बनने की जोरदार चर्चा ⁕
  • ⁕ Nagpur: सोनेगाँव के एक होटल में मां-बेटे ने की आत्महत्या की कोशिश, बेटे की मौत; मां की हालत गंभीर ⁕
  • ⁕ गठबंधन धर्म को छोड़ हुआ 'अधर्म' तो होगी अलग राह, शिंदे सेना के पूर्व विधायक अभिजीत अडसुल की युवा स्वाभिमान पक्ष को चेतावनी ⁕
  • ⁕ Amravati: अत्याधिक ठंड का अरहर की फसल पर बुरा असर; अचलपुर तहसील में उत्पादन में बड़ी गिरावट ⁕
  • ⁕ Akola: अकोला महानगर पालिका चुनाव; भाजपा का 'नवसंकल्पनामा' ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
National

Old Pension Scheme: योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अहलूवालिया दिया बड़ा बयान, कहा- यह खुद को दिवालिया घोषित करने वाला कदम


नई दिल्ली: योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कुछ राज्य सरकारों द्वारा पुरानी पेंशन योजनाओं को लागू करने की जिद पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, " निश्चित रूप से यह कदम मूर्खतापूर्ण और दिवालियापन का कार्य है।" अहलूवालिया शनिवार को एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में एक कार्यक्रम में बोलते हुए अहलूवालिया ने कहा, “पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का विचार पूरी तरह से बेतुका है. ऐसा हुआ तो देश की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी। फिर भी हम इस समय आर्थिक मोर्चे पर कई संकटों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के बारे में सोचना मूर्खता है।”

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी पेंशन योजना से वित्तीय दिवाला निकलेगा। नतीजतन देश की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। व्यवस्था को राजनीतिक दलों या सत्ता में बैठे दलों को उन नीतियों को अपनाने से रोकना चाहिए जो आर्थिक संकट की ओर ले जाती हैं।