logo_banner
Breaking
  • ⁕ "अधिकारियो को खरात एक दूसरे की पत्नियों से संबंध रखने का देता था सलाह", विजय वडेट्टीवार का सनसनीखेज दावा ⁕
  • ⁕ "बयानबाजी करने से अच्छ विजय वडेट्टीवार सरकार या एसआईटी को साबुत दें", चंद्रशेखर बावनकुले का कांग्रेस नेता को आवाहन ⁕
  • ⁕ Bhandara: नरभक्षी बाघिन का आतंक, एक की मौत, महिला गंभीर; गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम ⁕
  • ⁕ Nagpur: रामनवमी पर नागपुर में हाई अलर्ट, 2500 पुलिसकर्मी सुरक्षा में रहेंगे तैनात ⁕
  • ⁕ भारत का 'मिशन गैस ग्रिड': केंद्र सरकार का बड़ा आदेश, अब हर घर तक पाइपलाइन से पहुंचेगी गैस; एलपीजी पर निर्भरता होगी खत्म! ⁕
  • ⁕ नागपुर में 'बर्ड फ्लू' की दस्तक: सेमिनरी हिल्स 'बाधित क्षेत्र' घोषित, अंडे और चिकन की बिक्री पर 21 दिनों का प्रतिबंध ⁕
  • ⁕ जामसांवली धाम में उमड़ेगा भक्ति का महासागर: "हनुमान लोक" का प्रथम चरण हुआ पूरा, मुख्यमंत्री मोहन यादव 26 मार्च को करेंगे लोकार्पण ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
National

स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस ने 3डी-प्रिंटेड इंजन वाला दुनिया का पहला रॉकेट किया लॉन्च


चेन्नई: एक उल्लेखनीय उपलब्धि में, आईआईटी मद्रास के स्टार्टअप, अग्निकुल कॉसमॉस ने सिंगल-पीस थ्री-डायमेंशनल (3डी) प्रिंटेड इंजन वाला दुनिया का पहला रॉकेट लॉन्च किया है। रॉकेट अग्निबाण  SOrTeD (सबऑर्बिटल टेक्नोलॉजिकल डेमोंस्ट्रेटर) भी भारत का पहला सेमी-क्रायोजेनिक इंजन-संचालित रॉकेट लॉन्च है जिसे पूरी तरह से स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है।

इसे आज सुबह 7.15 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में अग्निकुल द्वारा स्थापित भारत के पहले निजी तौर पर विकसित लॉन्चपैड ‘धनुष’ से लॉन्च किया गया। परीक्षण उड़ान का उद्देश्य इन-हाउस और स्वदेशी तकनीकों का प्रदर्शन करना, महत्वपूर्ण उड़ान डेटा एकत्र करना और अग्निकुल के ऑर्बिटल लॉन्च वाहन, ‘अग्निबाण’ के लिए प्रणालियों के इष्टतम कामकाज को सुनिश्चित करना है।

अग्निबाण दो चरणों वाला रॉकेट है, जो 300 किलोग्राम तक का भार 700 किलोमीटर की ऊँचाई तक ले जा सकती है। रॉकेट इंजन लिक्विड ऑक्सीजन या केरोसिन से संचालित होते हैं। कंपनी के अनुसार, यह कम और उच्च झुकाव वाली दोनों कक्षाओं तक पहुँच सकता है और पूरी तरह से मोबाइल है, जिसे 10 से अधिक लॉन्च पोर्ट तक पहुँचने के लिए डिज़ाइन किया गया है।