'भाजपा के पार्षद करेंगे क्रॉस वोटिंग, अतुल लोंढे 100 से ज्यादा वोटों से जीतेंगे'; केदार को रोकने राउत-ठाकरे आये साथ, किया बड़ा दावा
नागपुर: विधान परिषद् चुनाव (Vidhan Parishad Election 2026) के बीच कांग्रेस में फिर गुटबाजी सामने आ गई है। सुनील केदार गुट (Sunil Kedar Group) की तरफ से जहां पूर्व जिला परिषद् सदस्य सुनील ढोले और विकास ठाकरे गुट (VIkas Thakre Group) के अतुल लोंदे (Atul Londe) ने नामांकन भरा है। उससे भी महत्वपूर्ण यह कि, केदार गुट को रोकने के लिए नितिन राउत ने अपनी दुश्मनी भुलाते हुए ठाकरे के उम्मीदवार का समर्थन कर दिया। इसी के साथ दोनों नेताओं ने भाजपा पार्षदों में बड़ी होने और अतुल लोंदे 100 से अधिक वोटों से चुनाव जितने का दावा कर दिया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नितिन राउत (Nitin Raut) ने कहा कि चुनाव की पूरी राजनीतिक गणित तैयार हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि मतदान के बाद यह साफ हो जाएगा कि भाजपा के कितने पार्षदों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया है। हालांकि उन्होंने संख्या बताने से इनकार करते हुए कहा कि यह चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
वहीं कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे (Vikas Thakre) ने भी बड़ा दावा करते हुए कहा कि कागजों पर भाजपा के पास बहुमत जरूर है, लेकिन वास्तविक मतदान में अतुल लोंढे 100 से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि गुप्त मतदान प्रणाली के कारण भाजपा के कई वोट कांग्रेस के पक्ष में आ सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने अतुल लोंढे को एक मजबूत, अनुभवी और बहुजन समाज का प्रभावशाली चेहरा बताते हुए कहा कि पार्टी ने पूरी रणनीति के साथ उन्हें उम्मीदवार बनाया है। उनका कहना है कि चुनाव की कमान डॉ. नितीन राऊत जैसे अनुभवी नेताओं के हाथ में है, इसलिए कांग्रेस की जीत की संभावना मजबूत है।
इस दौरान डॉ. नितीन राऊत ने विदर्भ के किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कपास, सोयाबीन और धान उत्पादक किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। राऊत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा किसानों को कर्जमाफी दी है, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं कर रही है।
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार किसानों और आम जनता को राहत देने में विफल रही है। साथ ही उन्होंने लाड़की बहन योजना के लाभार्थियों को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
अब सबकी नजरें मतदान और मतगणना पर टिकी हैं। कांग्रेस जहां भाजपा में क्रॉस वोटिंग का दावा कर रही है, वहीं भाजपा अपने बहुमत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है। ऐसे में यह चुनाव विदर्भ की राजनीति में बड़ा संदेश देने वाला साबित हो सकता है।
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