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Nagpur

महिला सशक्तिकरण के बहाने महायुति उपराजधानी में फूंकेगी चुनावी बिगुल, 31 अगस्त को रेशमबाग में कार्यक्रम


नागपुर: लोकसभा चुनाव में मिली हार से महायुति को बड़ा झटका लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव में उसकी पुनर्वृत्ति न हो इसको लेकर गठबधन के तीनों नेताओं ने जमीन स्तर से ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। इसी के तहत आम जनता की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत 31 अगस्त को शहर में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। रेशमबाग में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित दोनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार शामिल होंगे। इस दौरान लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं के खाते में दूसरे महीने की किश्त भी डाली जाएगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से महायुति जिले में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का बिगुल भी फूंकेगी। 

ज्ञात हो कि, हाल ही हुए लोकसभा के चुनाव में महायुति को बड़ा झटका लगा है। रामटेक लोकसभा सीट पर जहां कांग्रेस उम्मीदवार श्याम बर्वे को जीत मिली, 2019 में यह सीट शिवसेना ने जीती थी। नागपुर लोकसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जीत हासिल हुई हो, लेकिन उनकी जीत का मार्जिन सवा दो लाख से घटकर 1.37 हजार रह गया। सबसे महत्वपूर्ण तीन सीटों को छोड़े दें तो गडकरी शहर की तीन सीटों पर पीछे रहे, जिसमें मध्य नागपुर की सीट भी शामिल रही। 

महायुति का सात सीटों पर कब्ज़ा 

2019 लोकसभा चुनाब के अनुसार, भाजपा सहित महायुति ने जिले की 12 मे से सात सीटों पर जीत हासिल की थी। जिसमें नागपुर ग्रामीण की रामटेक, कामठी, हिंगना और शहरी दक्षिण, पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और मध्य नागपुर विधानसभा सीट शामिल है। उपमुकख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद दक्षिण-पश्चिम सीट से विधायक हैं। वहीं काटोल, उमरेड, उत्तर नागपुर, सावनेर, पश्चिम नागपुर और उमरेड सीट पर महाविकास अघाड़ी के प्रत्याशियों को जीत मिली थी। वर्तमान में सावनेर और उमरेड सीट खाली है।

लोकसभा चुनाव ने बढ़ाई मुश्किलें?

लोकसभा चुनाव के परिणाम को अगर विधानसभा के स्तर पर देखें तो महायुति 12 विधानसभा सीट में से नौ विधानसभा सीट पर पीछे रही। भाजपा केवल दक्षिण-पश्चिम, पूर्व और पश्चिम नागपुर सीट पर ही आगे रहे। वहीं रामटेक, कामठी, हिंगना और मध्य नागपुर में भाजपा या महायुति का उम्मीदवार पीछे रहे। सबसे महत्वपूर्ण पश्चिम नागपुर में गडकरी उनके प्रतिध्वंधि विकास ठाकरे से केवल सात हजार वोटों से आगे रहे। सबसे महत्वपूर्ण भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले कामठी विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। उनका घर भी उसी मतदान केंद्र में आता है। इसी के साथ हिंगना विधानसभा सीट भी भाजपा का गढ़ माना जाता है। जब से यह सीट बनी है, यहाँ पर भाजपा का कब्ज़ा है। लेकिन लोकसभा चुनाव में इन दिनों सीटों पर महाविकास अघाड़ी का प्रत्याशी आगे रहा। 

चुनावी परिणाम से विधानसभा की राह हुई मुश्किल 

नागपुर को भाजपा का गढ़ कहा जाता रहा है। हालांकि, 2019 के बाद से जिले में समीकरण बदल गया है। 2014 में भाजपा को जहां 11 सीटों पर मिली थी,वहीं 2019 में यह घटकर छह सीट हो गई। इसके बाद जितने भी चुनाव हुए उसमे भाजपा या कहें महायुति को हार का सामना करना पड़ा है। 2024 के लोकसभा चुनाव परिणाम ने मुश्किलें और बढ़ा दी है।