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Nagpur

सरकार गठन और मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में क्यों हो रही देरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बावनकुले ने बताई असली सच्चाई


नागपुर: महायुति को प्रचंड जीत मिले चार दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री के नाम का न ऐलान हुआ है और न ही नई सरकार का स्वरुप क्या होगा इसका कोई रोडमैप सामने आया है। सबसे ज्यादा चर्चा या कहें विवाद सीएम पोस्ट को लेकर हो रही है। भाजप और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री कौन बनेगा इस पर विवाद बना हुआ है। इसी बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने देरी का असली कारण बताया है। उन्होंने कहा कि, यहाँ केवल मुख्यमंत्री नहीं बल्कि मंत्रिमंडल भी तय होना है। किसे कितने मंत्री पद मिलेंगे। किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा साथ ही कौन से जिले होंगे। इन सब के कारण देरी हो रही है। 

बुधवार को नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए बावनकुले ने कहा, "हर पार्टी अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है. यही चाहत है बीजेपी के पदाधिकारियों की. एकनाथ शिंदे और अजित पवार के समर्थक चाहते हैं कि वे मुख्यमंत्री बनें, लेकिन फैसला केंद्रीय नेतृत्व के साथ-साथ महायुति के सभी नेता मिलकर लेंगे।"

उन्होंने कहा, "यह सिर्फ मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह नहीं है, बल्कि अन्य मंत्रियों, उनके विभागों, पालक मंत्रियों और पांच साल का पूरा कार्यक्रम तय होता है, इसलिए इसमें समय लगता है, हालांकि जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम और अन्य मंत्रियों पर होगा फैसला हो जायेगा। इसी के साथ उन्होंने जल्द ही शपथ ग्रहण समारोह होने का विश्वास भी जताया।

एक-दूसरे को कर रहे बड़ा दिल दिखने की बात 

मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों के नेताओं द्वारा बयानबाजी जारी है। भाजपा हो या शिवसेना दोनों लगातार एक दूसरे को बड़ा दिल दिखाने की बात कह रहेहैं। शिवसेना नेताओं का कहना है कि, जैसे बिहार में नितीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया, ठीक वैसा ही महाराष्ट्र में भी किया जा चाहिए। वहीं भाजपा का कहना है कि, "सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते  उनका ही मुख्यमंत्री होना चाहिए।"