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Maharashtra

महा-भर्ती का शंखनाद! महाराष्ट्र में 70,000 सरकारी पदों पर होगी भर्ती, CM फडणवीस ने लागू किया 'पारदर्शी डिजिटल मॉडल'


मुंबई: राज्य में सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में कुल 70 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से 20 हजार पद और विभिन्न विभागों में 50 हजार अन्य पद शामिल होंगे।

इस संबंध में सेवा प्रवेश नियमों में संशोधन को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री गेस्ट हाउस में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित सभी प्रमुख विभागों के सचिव उपस्थित रहे। इसमें कार्य की प्रकृति के अनुसार भर्ती मानदंडों में आवश्यक बदलाव करने और केवल शैक्षणिक योग्यता के बजाय कौशल-आधारित भर्ती प्रणाली को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। संशोधित नियमों का प्रस्ताव शीघ्र ही राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। सरकार अनावश्यक कागजी कार्रवाई, लंबी कतारों और देरी से बचने के लिए ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल सत्यापन मॉडल विकसित कर रही है। इसके तहत ब्लॉकचेन तकनीक और डिजीलॉकर सिस्टम के जरिए उम्मीदवारों के शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों का सुरक्षित व तेज सत्यापन किया जाएगा।

पासपोर्ट जैसे संवेदनशील दस्तावेजों के सफल ऑनलाइन सत्यापन मॉडल को देखते हुए, इसी पारदर्शी व्यवस्था को सरकारी भर्तियों में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया में तेजी और विश्वास दोनों बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि 70 हजार पदों की भर्ती पूरी होने के बाद राज्य की प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यह प्रक्रिया बिना किसी भेदभाव और अन्याय के पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी। सरकार का उद्देश्य युवाओं की शंकाओं को दूर करते हुए एक स्वच्छ, तेज और तकनीक-आधारित भर्ती व्यवस्था स्थापित करना है।

फडणवीस ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में महाराष्ट्र सरकार के मानव संसाधन प्रबंधन मॉडल की सबसे अधिक सराहना हुई है। प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों को भी इस मॉडल को अपनाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महाराष्ट्र में शासन सुधार का एक नया और प्रभावी मॉडल उभर कर सामने आएगा।