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Nagpur

नागपुर में सकल ओबीसी महामोर्चा की बैठक, 17 फरवरी को UGC और जनगणना को लेकर आंदोलन का किया ऐलान


नागपुर: नागपुर में सकल ओबीसी महामोर्चा की ओर से आयोजित बैठक में ओबीसी समाज से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया। इस बैठक में 17 फरवरी को नागपुर में बड़े आंदोलन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुखदेव थोरात के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

बैठक में विदर्भ की प्रमुख ओबीसी संगठनों ने जाति आधारित जनगणना में मौजूद तकनीकी खामियों पर कड़ा असंतोष जताया। विशेष रूप से घर-सूची प्रश्नावली के प्रश्न क्रमांक 12 में ओबीसी का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने को लेकर चिंता व्यक्त की गई। संगठनों का कहना है कि इससे भविष्य में ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों पर खतरा पैदा हो सकता है। इसके साथ ही यूजीसी की नई नीतियों से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर भी गहन चर्चा की गई। इन सभी तकनीकी और नीतिगत खामियों के विरोध में 17 फरवरी को आंदोलन का एलान किया गया है।

संविधान चौक से शुरू होगा धरना आंदोलन

बैठक के बाद विजय वडेट्टीवार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जनगणना और यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि यदि ओबीसी की जनगणना नहीं होती है तो यह सरासर अन्याय होगा। सरकार के विरोध में 17 फरवरी को नागपुर के संविधान चौक से धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा। जब तक जनगणना में ओबीसी को शामिल नहीं किया जाता, तब तक देशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इसके अलावा ओबीसी सम्मेलन आयोजित करने की भी घोषणा की गई है।

किसी राजनीतिक बैनर के तहत नहीं होगा आंदोलन

विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी भी राजनीतिक बैनर के तहत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि 17 फरवरी से आंदोलन की शुरुआत होगी और जो भी ओबीसी समाज के हक के लिए आना चाहता है, वह इसमें शामिल हो सकता है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जा सकता। ओबीसी के अधिकार मिलने से समाज से जुड़े मौजूदा मुद्दे स्वतः सुलझ सकेंगे।

सीईटी परीक्षा प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया

सीईटी परीक्षा के दौरान मंगळसूत्र पहनने के कारण एक महिला को परीक्षा से वंचित किए जाने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शादी के बाद लड़कियों को पढ़ने का अधिकार नहीं है। इस मामले में दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।