logo_banner
Breaking
  • ⁕ Bhandara: ट्रक को ओवरटेक करते समय पिकअप की टक्कर, बाइक सवार युवक की मौके पर मौत ⁕
  • ⁕ नागपुर में साइकिल चालकों के लिए सड़कें नहीं, आईटीडीपी इंडिया के सर्वे रिपोर्ट में आया सामने ⁕
  • ⁕ संत श्री गजानन महाराज का 148वा प्रकट दिन आज; शेगांव में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, गण गण गणात बोते के जयघोष से गूंजा परिसर ⁕
  • ⁕ स्थायी समिति गठन पर सियासी दबाव हावी; दावेदारों की जोरदार लॉबिंग, समिति में जगह न मिलने से वरिष्ठ नगरसेवक नाराज ⁕
  • ⁕ Gondia: भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार की टक्कर से स्कूटी सवार युवक की मौत ⁕
  • ⁕ Bhandara: जिले के सभी रेत घाट 25 फरवरी तक बंद, NGT का बड़ा आदेश ⁕
  • ⁕ Nagpur: यशोधरानगर में ऑटो वर्कशॉप में हुई चोरी, 3.40 लाख का सामान गायब, पुलिस कर रही खोजबीन ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

नागपुर में साइकिल चालकों के लिए सड़कें नहीं, आईटीडीपी इंडिया के सर्वे रिपोर्ट में आया सामने


नागपुर: नागपुर में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी दैनिक जरूरतों के लिए साइकिल का उपयोग करते हैं, लेकिन शहर की सड़क डिजाइन और यातायात व्यवस्था में साइकिल चालकों की जरूरतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है। आईटीडीपी इंडिया के हालिया अध्ययन में सामने आया है कि साइकिल ट्रैक और लेन के अभाव, खड़ी गाड़ियों और अतिक्रमणों के कारण साइकिल चालकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

आईटीडीपी इंडिया ने नागपुर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में 'हमारे शहरों में साइकिल चलाना' शीर्षक से अध्ययन किया, जिसमें 605 साइकिल चालकों और गैर-साइकिल चालकों से जानकारी ली गई। अध्ययन में शहरों में 152 किलोमीटर से अधिक साइकिलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का मूल्यांकन किया गया।

शहर में साइकिल चालकों के लिए सबसे बड़ी बाधा साइकिल ट्रैक पर खड़ी गाड़ियां (72%), फेरीवाले और अतिक्रमण (66%) और साइकिल ट्रैक पर मोटर वाहन (55%) रही। नागपुर में फिलहाल करीब 11 किलोमीटर साइकिल ट्रैक उपलब्ध हैं, जबकि पुणे में 91 किलोमीटर और पिंपरी-चिंचवड़ में 50 किलोमीटर हैं।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि सड़कों पर साइकिल चालकों की संख्या कम नजर आती है, लेकिन वास्तविकता में यह बड़ी है। रिंग रोड पर लगभग 160 साइकिल सवार, सेंट्रल एवेन्यू पर 148 और अमरावती रोड पर 138 साइकिल सवार दर्ज किए गए। कई बच्चों ने बताया कि तेज वाहनों के कारण उनके माता-पिता उन्हें साइकिल से स्कूल नहीं जाने देते।

महिला सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा है। 605 सर्वे में शामिल 160 महिला साइकिल चालकों में लगभग आधी ने तेज वाहनों और नियमों के पालन न होने को मुख्य बाधा बताया। 60% से अधिक महिलाओं ने खराब सड़क और गड्ढों को सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंता माना। 87% महिलाओं ने अलग और सुरक्षित साइकिल ट्रैक को प्राथमिकता दी।

साइकिल चालकों का अनुभव भी सामने आया कि डामर से बने ट्रैक कंक्रीट या पेवर ब्लॉक की तुलना में अधिक आरामदायक होते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि मौजूदा बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए, खासकर चौराहों पर, साइकिल ट्रैक और लेन का निरंतर निर्माण किया जाना चाहिए।

नागपुर में यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि शहर में साइकिलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि नागरिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बढ़ते परिवहन दबाव में भी साइकिल का उपयोग कर सकें।