अजित पवार की मौत पर सनसनीखेज दावा: विमान में सुसाइड बॉम्बर? अमोल मिटकरी ने उठाए गंभीर सवाल
अकोला: दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत को लेकर एक बार फिर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक अमोल मिटकरी ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए आशंका जताई कि अजित पवार की हत्या के लिए उनके विमान में आत्मघाती हमलावर (सुसाइड बॉम्बर) का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। मिटकरी लंबे समय से अजित पवार की मौत को संदिग्ध बता रहे हैं, लेकिन इस बार आत्मघाती हमले का सीधे तौर पर उल्लेख किए जाने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर हुए एक विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। तब से सत्ता पक्ष सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा इस घटना पर संदेह जताया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमोल मिटकरी ने फिर से कई गंभीर सवाल खड़े किए।
मिटकरी ने कहा कि अजित पवार जिस विमान से यात्रा कर रहे थे, वह वीएसआर कंपनी का था और उस विमान के पायलट को दो बार बदला गया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित विमान पहले से ही तकनीकी रूप से खराब था और उस पर पिछले एक वर्ष से प्रतिबंध था, इसके बावजूद 28 जनवरी को वही विमान अजित पवार को उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि वीएसआर कंपनी ने दिसंबर महीने में अपने प्रत्येक पायलट का 50-50 करोड़ रुपये का बीमा कराया था। मिटकरी ने सवाल उठाया कि क्या अंतिम समय में बदले गए पायलट को किसी तरह हिप्नोटाइज किया गया था या उसे किसी प्रकार का लालच दिया गया था। उन्होंने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय मामलों में हिप्नोटाइज कर आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल किया गया है और इसी एंगल से इस मामले की भी जांच होनी चाहिए।
अपने दावे के समर्थन में अमोल मिटकरी ने राजीव गांधी की हत्या और मुंबई आतंकी हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अजमल कसाब को भी आतंकी हमले के लिए भेजा गया था और राजीव गांधी की हत्या के समय भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अजित पवार के विमान के पायलट को भी हिप्नोटाइज कर भेजा गया था, क्योंकि पायलट ने आपात स्थिति में जरूरी ‘मे-डे कॉल’ तक नहीं दिया। टेकऑफ के बाद कुछ ही समय में पुणे को कवर किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे वीएसआर कंपनी पर संदेह और गहराता है।
मिटकरी ने यह भी मांग की कि 50 करोड़ रुपये का बीमा कराकर क्या पायलट से जानबूझकर यह कृत्य करवाया गया, इसकी भी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर वह मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं।
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