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Bhandara

शराब माफियाओं पर एक्शन या सिर्फ 'इमेज' बचाने का खेल? 31 लाख की जब्ती पर सांसद प्रशांत पडोले का पुलिस से सवाल!


भंडारा: पुणे के जहरीली शराब कांड के बाद अब भंडारा जिले में भी पुलिस महकमा अचानक नींद से जाग उठा है। पुलिस ने 'ऑपरेशन फ्लश आउट' के तहत एक ही दिन में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 31 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस भले ही इसे अपनी बड़ी कामयाबी बता रही हो, लेकिन इस कार्रवाई ने खाकी पर ही बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भंडारा-गोंदिया के सांसद प्रशांत पडोले ने पुलिस पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि जिले में सालों से चल रहे इन अवैध धंधों से पुलिस की मोटी वसूली होती थी और अब सिर्फ अपनी छवि बचाने के लिए यह दिखावा किया जा रहा है।

पुणे में जहरीली शराब कांड के बाद पूरे महाराष्ट्र का पुलिस महकमा अचानक नींद से जाग उठा है, जिसके तहत भंडारा जिले में भी पुलिस ने 'ऑपरेशन फ्लश आउट' चलाकर अवैध शराब के अड्डों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। पुलिस इस कार्रवाई को भले ही अपनी बड़ी कामयाबी बता रही हो, लेकिन इस अचानक हुए बड़े एक्शन ने खाकी की कार्यप्रणाली पर ही गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

जिले में 50 पुलिस अधिकारियों और 300 जवानों की भारी-भरकम फौज ने महज 24 घंटे के भीतर अलग-अलग इलाकों में छापेमारी करते हुए 32 मामले दर्ज किए और 31 लाख रुपये से ज्यादा का माल जब्त कर लिया। लेकिन अब जनता और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से गूंज रहा है कि अगर पुलिस महज एक दिन में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब पकड़ सकती है, तो इतने दिनों से स्थानीय पुलिस क्या कर रही थी और क्या ये सारे अवैध अड्डे एक ही दिन में खड़े हो गए थे।

इस पूरे मामले पर भंडारा-गोंदिया के सांसद प्रशांत पडोले ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए सीधा और बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में सालों से चल रहे इन अवैध धंधों से पुलिस की मोटी 'वसूली' यानी हफ्ताखोरी होती है, जिसके दम पर ये धंधे धड़ल्ले से फल-फूल रहे थे। सांसद ने साफ कहा कि अब जब पुणे में इतना बड़ा हादसा हुआ और ऊपर से दबाव आया, तो पुलिस केवल अपनी छवि बचाने के लिए यह दिखावा कर रही है।

अब जनता के बीच भी यह चर्चा तेज है कि अगर पुणे का वो दर्दनाक हादसा न हुआ होता, तो क्या भंडारा पुलिस कभी जागती, क्योंकि जिले में मटका, हाथभट्टी और एमडी ड्रग्स की शिकायतें लोग लगातार कर रहे थे, लेकिन तब ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इस पूरे विवाद पर भंडारा के पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन ने 'ऑपरेशन फ्लश आउट' के आंकड़ों को सामने रखते हुए कहा है कि अवैध धंधों के खिलाफ पुलिस का यह अभियान आगे भी इसी तरह मुस्तैदी से जारी रहेगा, लेकिन देखना यह होगा कि क्या यह कार्रवाई हमेशा के लिए होगी या कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी 'जैसे थे' हो जाएगी।