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चंद्रपुर मनपा चुनाव से पहले भाजपा में अंदरूनी घमासान, उम्मीदवारों की सूची को लेकर मुनगंटीवार–जोर्गेवार आमने-सामने


चंद्रपुर: महानगरपालिका चुनाव से पहले भाजपा की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर सतह पर आ गई है। उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच बढ़ती खींचतान रविवार को नागपुर में हुई अहम बैठक के दौरान खुले टकराव में बदल गई। बैठक में इतना हंगामा हुआ कि मामला शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप तक पहुंच गया, जिससे चंद्रपुर भाजपा में गहराते असंतोष के संकेत साफ नजर आने लगे हैं।

चंद्रपुर मनपा चुनाव को लेकर उपराजधानी नागपुर में आयोजित भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक उस वक्त विवादों में घिर गई, जब उम्मीदवारों की सूची को लेकर वरिष्ठ नेता आमने-सामने आ गए। सूत्रों के अनुसार, बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे के आधार पर तैयार उम्मीदवारों की सूची पेश की।

हालांकि, इस सूची पर विधायक किशोर जोर्गेवार और शहर भाजपा अध्यक्ष सुभाष कसंगुट्टुवार ने कड़ी आपत्ति जताई। दोनों नेताओं का कहना था कि प्रस्तुत सूची वास्तविक सर्वे रिपोर्ट से मेल नहीं खाती और इसे मनमाने ढंग से तैयार किया गया है। इस बात को लेकर बैठक में तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते आरोप–प्रत्यारोप में बदल गई।

हालात बिगड़ते देख बैठक की अध्यक्षता कर रहे पालकमंत्री एवं राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को हस्तक्षेप करना पड़ा। बावनकुले ने नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट किया कि टिकटों का वितरण पूरी तरह मेरिट, सर्वे रिपोर्ट और संगठनात्मक मजबूती के आधार पर ही किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, बहस थमने का नाम नहीं ले रही थी, जिससे आक्रोशित होकर बावनकुले ने उम्मीदवारों की सूची बैठक में ही फेंक दी। इसके बाद उन्होंने दोनों पक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने उम्मीदवारों के संबंध में सीधे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से चर्चा करें।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी तीन दिन पहले हुई बैठक में इन्हीं नेताओं के बीच जोरदार बहस हुई थी, जिसकी आवाजें कमरे से बाहर तक सुनाई दी थीं। नागपुर में हुई यह ताजा बैठक एक बार फिर चंद्रपुर भाजपा में जारी अंतर्कलह को उजागर करती नजर आई है। मनपा चुनाव से पहले सामने आई यह स्थिति पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव और रणनीतिक चुनौतियों की ओर इशारा कर रही है।