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Nagpur

महाविकस आघाड़ी में सीट बंटवारा हुआ तय, शरद पवार गुट 12, उद्धव ठाकरे गुट 10 सीटों पर लड़ेगा चुनाव


नागपुर: मनपा चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी में सीट बंटवारे को लेकर चली लंबी रस्साकशी अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। देर रात हुई अहम बैठक के बाद कांग्रेस, शरद पवार गुट (राकांपा) और उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना) के बीच समझौता तय हो गया, हालांकि इस दौरान गठबंधन के भीतर तीखी खींचतान भी खुलकर सामने आई।

नागपुर महानगरपालिका चुनाव के लिए महाविकास आघाड़ी में सीट बंटवारे का फार्मूला आखिरकार तय हो गया है। गठबंधन के भीतर हुए समझौते के तहत शरद पवार गुट को 12 सीटें, उद्धव ठाकरे गुट को 10 सीटें दी गई हैं, जबकि 3 सीटों पर शरद पवार गुट कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। इस फार्मूले को लेकर रविवार देर रात तक उपराजधानी नागपुर में बैठकों का दौर चलता रहा।

सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार गुट ने शुरुआत में 24 सीटों की मांग की थी और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम चार सीटें देने का आग्रह किया था। वहीं उद्धव ठाकरे गुट की ओर से 30 सीटों की मांग सामने रखी गई थी। दूसरी तरफ कांग्रेस 10 से अधिक सीटें देने को तैयार नहीं थी, जिससे बातचीत कई बार टूटने की स्थिति तक पहुंच गई।

कई घंटों की चर्चा और वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद अंततः 12-10 के फॉर्मूले पर सहमति बनी। कांग्रेस ने कुल 15 सीटें छोड़ने पर हामी भरी, जिसे दोनों सहयोगी दलों ने स्वीकार कर लिया। बताया जा रहा है कि इस समझौते के पीछे कार्यकर्ताओं के हित और चुनावी संतुलन को आधार बनाया गया।

इस बीच कांग्रेस की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि लगभग 95 प्रतिशत उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं। अंतिम दिन उम्मीदवारों को एबी फॉर्म दिए जाएंगे या सीधे निर्वाचन कार्यालय में नामांकन दाखिल कराया जाएगा। हालांकि, गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह असंतोष आने वाले चुनाव प्रचार और चुनावी तालमेल पर असर डाल सकता है।