अजित पवार के बयान से भाजपा में बेचैनी, चव्हाण के बाद बावनकुले भी नाराज़, बोले- बयान अनावश्यक, एक दूसरे के खिलाफ टिप्पणी नहीं करने की बनी थी सहमति
नागपुर: महायुति (Mahayuti) के भीतर समन्वय को लेकर जारी चर्चाओं के बीच बयानबाज़ी एक बार फिर सुर्खियों में है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) की भाजपा (BJP) को लेकर की गई टिप्पणी पर सहयोगी दलों की ओर से नाराज़गी सामने आई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण (Ravindra Chavhan) के बाद अब मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने भी इस बयान को अनावश्यक बताया है। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बावनकुले ने कहा कि कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाज़ी न करने पर सहमति बनी थी।
बावनकुले ने कहा, "जिस तरह अजीत दादा भाजपा की बुराई कर रहे हैं, वह सही नहीं है। कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में यह तय हुआ था कि किसी भी हालत में हमें एक-दूसरे की बुराई नहीं करनी चाहिए। किसी व्यक्ति या उसके रोल की आलोचना नहीं होनी चाहिए। यह भी तय हुआ था कि वे अपना चुनाव लड़ेंगे और हम अपना। अजीत दादा का जो बयान आया है, वह हमारी बातचीत और तय सहमति के अनुरूप नहीं है। उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था।"
बावनकुले ने आगे कहा, " हालांकि, मैं उन्हें सलाह देने के लिए इतना बड़ा नहीं हूँ। दादा का यह रवैया कोऑर्डिनेशन कमिटी के फैसले के अनुसार नहीं था। इससे महायुति पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अजीत दादा जैसे वरिष्ठ नेता को इस तरह की बुराई करने से बचना चाहिए।"
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