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Assembly Election 2024: कांग्रेस की सुरक्षित सीट अब भाजपा का मजबूत गढ़, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बवानकुले रह चुके विधायक


नागपूर: कामठी विधानसभा सीट एक समय पहले यह कांग्रेस की मजबूत सीट मानी जाती थी। सीट के गठन से लेकर 1999 तक कांग्रेस या उसका समर्थित उम्मीदवार ही यहां चुनाव जीतता रहा है। हालांकि, अब यह भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ बन चुकी है। भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बवानकुले का यहां खासा प्रभाव हैं। वह तीन बार यहां से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बन चुके हैं। वर्तमान में भाजपा के टेकचंद सावरकर यहां से विधानसभा के सदस्य हैं। इस रिपोर्ट में जानेंगे क्या है सीट की जातियां समीकरण और वर्तमान विधायक की स्थिती।

कामठी नागपुर जिले में आने वाली 12 विधानसभा सीटों में से एक हैं। 1962 में पहली बार सीट का गठन और यहां चुनाव हुए। एक समय ग्रामीण सीट रही कामठी आज शहरी सीट में गिनी जानें लगी है। नागपुर शहर या कहें नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण के कई क्षेत्र इस विधानसभा में आतें है। 

विधानसभा की चुनावी इतिहास

विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस सीट पर 13 बार चुनाव हुए हैं। जिसमें चार बार भारतीय जनता पार्टी, एक बार निर्दलीय और सात बार कांग्रेस पार्टी को जीत मिली हुई है। 1999 में कांग्रेस की मदद से रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को भी जीत मिली थी। राज्य के चर्चित नेताओं की बात करें तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष  चंद्रशेखर बवानकुले 2004 से 2014 तक रिकॉर्ड तीन बार इस सीट से विधायक निर्वाचित हुए हैं। 

विधानसभा की जातियां समीकरण

कामठी विधानसभा एक हिन्दू बहुल विधानसभा है। हालांकि, अल्पसंख्यक मतदाता भी यहां बड़ी संख्या में हैं। 2011 जनगणना के अनुसार, विधनसभा में बौद्ध और मुस्लिमों की जनसंख्या कुल 25 प्रतिशत है। जिसमें मुस्लिम 10 प्रतिशत और बौद्ध 15 प्रतिशत है। इसी के साथ अनुसूचित जनजाति के मतदाता 23, 756 हैं। वहीं अनुसूचित जनजाति (जिसमें बौद्ध धर्म मनाने वाले शामिल) करीब 76,037 है। हालांकि, हिंदुओं में कुनबी मतदाता यहां निर्णय हैं। वह जिस पार्टी की तरह मूढ़ जाए उसकी जीत निश्चित है। यहीं कारण है कि, यहां के अधिकतर विधायक एक ही जाती के रहे हैं। 

विधानसभा के प्रमुख मुददे

जैसे की हमने पहले बताया ग्रामीण के साथ यह शहरी विधानसभा है। नागपुर शहर का जो विस्तार हो रहा है इसी विधानसभा में सबसे ज्यादा है। जिसके कारण क्षेत्र में बड़ी संख्या में अनाधिकृत लेआउट हो गए हैं। जिसके कारण इन क्षेत्रों में सड़क, पानी सीवेज लाइन जैसे मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसी के साथ रोजगार, सड़क और स्वास्थ्य यहां के प्रमुख मुद्दो में से एक है। 

क्या है वर्तमान विधायक की स्थिति

वैसे तो इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की स्थिति बेहद मजबूत है। लेकिन हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को यहां बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार को यहां महायुति उम्मीदवार के मुकाबले ज्यादा वोट मिल। वहीं वर्तमान विधायक टेकचंद सावरकर को लेकर वैसी अनुकूलता नहीं दिखाई दे रही है। विधायक को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी। वहीं हाल ही में आई बाढ़ के कारण ज्यादा नाराजगी है। आगमी विधानसभा चुनाव में भाजपा को इस सीट पर ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।