logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Maharashtra

विधानसभा अध्यक्ष ने की लोकतंत्र की हत्या, उद्धव ठाकरे बोले- सुप्रीम कोर्ट हमें देगी न्याय


मुंबई: पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhav Thackeray) ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर (Rahul Narvekar) के निर्णय को लोकतंत्र की हत्या करने वाला बताया है। बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए ठाकरे ने कहा, "आज जो स्पीकर का आदेश आया है, वह लोकतंत्र की हत्या है और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले का भी अपमान है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि राज्यपाल ने अपने पद का दुरुपयोग किया है और गलत फैसला लिया है। हम यह लड़ाई आगे भी लड़ेंगे और हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। सुप्रीम कोर्ट जनता और शिवसेना को पूरा न्याय दिए बिना नहीं रुकेगा।

ठाकरे ने कहा, ''मैंने पहली प्रतिक्रिया कल दी है। जिस तरह से राहुल नार्वेकर को स्थापित किया गया, उनके आचरण से साफ पता चलता है कि उन्होंने उनके साथ मिलीभगत या साठगांठ की है. कल मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदेह जताया गया था कि कहीं लोकतंत्र की हत्या करने की उनकी कोई साजिश तो नहीं चल रही है? क्योंकि मैं फिर दोहराता हूं, वे आरोपियों से दो बार जाकर मिल चुके हैं। लेकिन आज के नतीजे से एक बात और संदिग्ध हो गई है कि लोकतंत्र की हत्या हो गई है, लेकिन दलबदल निषेध अधिनियम को मजबूत करने के बजाय, नतीजे ने दिखाया है कि दलबदल कैसे किया जाता है या दलबदल के लिए राजमार्ग कैसे होना चाहिए।"


उद्धव ठाकरे ने कहा, “अध्यक्ष ने स्वयं दो-तीन दल बदले हैं। इसलिए उनके भविष्य के आंदोलन में आने वाली बाधा दूर हो जाएगी. लेकिन आज तक हम यही मानते आये हैं कि भारतीय संविधान के अनुसार सत्य तो यही है कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश ही सर्वोच्च है। लेकिन नार्वेकर ने जो भी फैसला दिया, सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों को साफ तौर पर ढाबे पर रख दिया, रौंद दिया और मानो हमारे पीछे कोई महाशक्ति है, हम सुप्रीम कोर्ट में भी नहीं टिकेंगे, यह आज उनके फैसले से स्पष्ट है।"