पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता दत्ता मेघे का निधन, 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
नागपुर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद दत्ता मेघे का निधन हो गया है। रविवार को 89 की उम्र में नागपुर के खामला स्थित निवास पर अंतिम सांस ली। मेघे के निधन पर नागपुर सहित विदर्भ में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं सोमवार शाम को मेघे के पैतृक गांव वर्धा जिले के सावंगी मेघे में अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम संस्कार के पहले नागपुर और वर्धा में दत्ता मेघे का शव अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
दत्ता मेघे का जन्म वर्धा जिले के पावनर गांव में हुआ था। सामान्य परिवार से आने वाले दत्ता मेघे ने कड़ी मेहनत और परिश्रम के बदौलत राजनीति, सामाजिक सहित शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम किया। मेघे ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। इसके बाद वह राष्ट्रवादी कांग्रेस और भाजपा में भी रहे।
मेघे नागपुर, चंद्रपुर और वर्धा से चार बार लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। इसके साथ वह एक बार राज्यसभा के सदस्य भी बने। इसके पहले वह चार बार महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य सहित महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी बने।
राजनीति के साथ मेघे ने शिक्षा क्षेत्र में सबसे ज्यादा ध्यान दिया। उन्होंने अपने पैतृक गांव में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की। जिसके माध्यम से उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को चिकित्सा सहित युवाओं को मेडिकल शिक्षा मुहैया कराई। इसी के साथ उन्होंने नागपुर जिले के वानाडोंगरी में कई इंजीनियरिंग सहित मेडिकल, फार्मेसी कॉलेज सहित स्कूल का निर्माण किया। जहां आज हजारों की संख्या में छात्र और छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
पृथक विदर्भ के बड़े समर्थक
यही नहीं पूर्व विदर्भ के विकास में भी मेघे का अहम योगदान रहा। सांसद रहते विदर्भ से जुड़े हुए कई मुद्दे उन्होंने लोकसभा में उठाई। इसी के साथ वह पृथक विदर्भ के वह खट्टर समर्थक माने जाते थे। अलग राज्य की मांग पर उन्होंने अपना पूरा समर्थन किया।
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