मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान पर विजय वडेट्टीवार का पलटवार, कहा- सुबूत दिखाएं मुख्यमंत्री; सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भंडारा: ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि उनके पास विरोधी दलों के नेताओं के खरात से जुड़े होने के सबूत हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने सरकार को खुली चुनौती दी है। नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने भंडारा में बयान देते हुए कहा कि, “अगर सरकार के पास कोई सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। इस भोंदू बाबा से जुड़े सभी लोगों के नाम सामने आने चाहिए।”
हिम्मत है तो सबूत दिखाएं
वडेट्टीवार ने कहा कि इस मामले में कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं और सरकार को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन-किन लोगों ने इस तथाकथित बाबा को संरक्षण दिया।
सरकार पर गंभीर आरोप
विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में भोंदूगिरी और अंधविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि, “यह सब क्या सरकार के संरक्षण में हो रहा है? कई मंत्री और अधिकारी इसमें फंसे होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?”
महाराष्ट्र को कहां ले जा रहे हैं?
वडेट्टीवार ने तीखा हमला करते हुए कहा, “महाराष्ट्र को आखिर किस दिशा में ले जाया जा रहा है? धर्म और अंधविश्वास के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।” उन्होंने दावा किया कि इस मामले में कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कुछ आपत्तिजनक भी बताए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने मांग की कि यदि कोई मंत्री, आईएएस या आईपीएस अधिकारी इसमें शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अंधश्रद्धा कानून का हवाला
वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य में अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून लागू है, ऐसे में अगर कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी अंधविश्वास फैलाने में शामिल पाया जाता है, तो उसे पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
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