logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

मराठा आरक्षण पर ओबीसी नेताओं में मतभेद, छगन भुजबल के आरोप को तायवाड़े ने किया ख़ारिज


नागपुर: राज्य सरकार ने मराठा समाज की सभी मांगे मानते हुए आरक्षण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के निर्णय पर ओबीसी नेताओं में दो फाड़ होते दिखाई दे रहे हैं। सरकार में मंत्री छगन भुजबल जहां सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए समाज का आरक्षण से समझौता करने की बात कह रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय ओबीसी संघ प्रमुख बबनराव तायवाड़े ने कहा कि, सरकार के निर्णय से आरक्षण पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

भुजबल की मौजूदगी में रविवार को नासिक में ओबीसी नेताओं की बैठक हुई। भुजबल ने सरकार के फैसले पर नाराजगी और गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि यह मराठाओं को कुनबी सर्टिफिकेट देकर पिछले दरवाजे से ओबीसी में शामिल करने की कोशिश है और उन्होंने इसका विरोध करने की चेतावनी दी।

भुजबल के दावे सही नहीं 

वहीं भुजबल के दावों को तायवाड़े ने ख़ारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, "सरकार के फैसले से ओबीसी के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है। सरकार ने मराठा आरक्षण को लेकर पिछले दो दिनों में लिए गए सरकारी फैसलों का अध्ययन किया और फिर अपना पक्ष रखा। सरकार को मिले लाखों अभिलेख (मराठा कुनबियों के) में से 99 प्रतिशत पुराने हैं।" 

उन्होंने आगे कहा, "जिन लोगों के दस्तावेजों पर कुनबी लिखा होता है, उन्हें जाति प्रमाण पत्र जारी करने का कानून है। इसलिए ऐसा नहीं लगता कि सरकार के फैसले से ओबीसी के साथ कोई अन्याय हुआ है. इसलिए भुजबल की स्थिति का समर्थन नहीं किया जा सकता।"

देखें वीडियो: