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Buldhana

Buldhana: सूखे पर महायुति में विवाद! दिलीपकुमार सानंदा ने सरकार के रवैये पर उठाए सवाल, बोले- “अजितदादा होते तो कभी का घोषित हो गया होता”


बुलढाणा: महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार सरकार से सूखा घोषित होने और किसानों को राहत देने की मांग कर रहे हैं। वहीं अब इस मुद्दे को लेकर महायुति में विवाद दिखाई दे रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व विधायक दिलीपकुमार सानंदा ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाया है। सानंदा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे मुश्किल समय में उन्हें पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की याद आ रही है।

सानंदा ने कहा कि “अजितदादा होते तो सूखा कभी का घोषित हो गया होता। कम से कम किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर आर्थिक सहायता तो निश्चित रूप से घोषित हो गई होती।” उन्होंने कहा कि राज्य में गंभीर सूखे जैसी परिस्थितियां बन रही हैं और किसान मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।

पूर्व विधायक ने कहा कि किसानों को तत्काल राहत की जरूरत है। सरकार को प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर जल्द सूखा घोषित करने के साथ किसानों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करनी चाहिए।

दिलीपकुमार सानंदा ने अजित पवार की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों के संकट के समय तत्काल निर्णय लेने की जरूरत होती है। इसी संदर्भ में उन्होंने वर्तमान सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।

सानंदा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने और किसानों को राहत देने की मांग लगातार उठ रही है। उनके बयान के बाद सूखे के मुद्दे पर महायुति के भीतर मतभेद को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।