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Nagpur

बोम्मई की तरह एक इंच जमीन नहीं देंगे बोलने की हिम्मत है क्या?, सीमा विवाद पर उद्धव ने मुख्यमंत्री शिंदे से पूछा सवाल


नागपुर: महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर राज्य की राजनीति दिन-ब-दिन और तेज होती जा रही है। इसी को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधान परिषद के अंदर सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र को एक भी इंच जमीन नहीं देंगे ऐसा भूमिका कर्नाटक की सरकार ने अपनाई हुई है। क्या हमारे अंदर भी ऐसी बात कहने की धमक है? क्या हम ऐसा स्टैंड ले सकते हैं? "

उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, "कर्नाटक, दिल्ली और महाराष्ट्र में एक ही दल की सरकार है। दोनों मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र को अपना नेता मानते हैं। हमारे मुख्यमंत्री दिल्ली जाते हैं। क्या वे इस बारे में बात करने जा रहे हैं?जून में सरकार गिरने के बाद यह पहला मौका है, जब उद्धव ठाकरे विधान परिषद की कार्यवाही में शामिल हुए हैं। 

यह भाषाई की नहीं मानवता की लड़ाई

यह भाषाई क्षेत्रीयकरण का मामला नहीं है। यह मानवता की लड़ाई है। मराठी भाषियों ने कन्नड़ भाषियों के साथ कितना अन्याय किया? महाराष्ट्र सरकार ने कन्नड़ भाषियों के साथ कितना अन्याय किया? हमने कन्नड़ भाषियों के साथ अन्याय नहीं किया है। लेकिन कर्नाटक सरकार लगातार मराठी भाषियों पर अत्याचार कर रही है। क्या हम इसके खिलाफ स्टैंड लेने जा रहे हैं या नहीं? उद्धव ठाकरे ने ऐसा सवाल भी पूछा।

जब लाठी खाई तब सब इधर थे

सीमा विवाद पर शिंदे गुट के विधायकों पर दिए बयान पर हमला बोलते ठाकरे ने कहा, "जब आप लाठी खाते थे तब आप हमारे साथ थे। अब सरहद पार कर ली। अब, सिर्फ इसलिए कि वह वहां गया इसका मतलब यह नहीं है कि वह बात नहीं करना चाहता।" फिर लाठी खाकर चुप रहने जैसी कोई बात ही नहीं है। ठाकरे ने सवाल पूछते हुए कहा, मराठी आदमी कब तक चुटकी बजाते लाठी खायेगा? हम कब तक इस विषय पर चर्चा करते रहेंगे?

उद्धव ने आगे कहा, "सीमावाद के हालात किसने खराब किए? इस सवाल के कोर्ट में जाने के बाद किसने एक कदम आगे बढ़ाया? क्या महाराष्ट्र ने किया है? कर्नाटक ने भटकाने का काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति बदल गई है।"