logo_banner
Breaking
  • ⁕ लेटर', व्हिप और अपात्रता की धमकी; धानोरकर-वडेट्टीवार संघर्ष से चंद्रपुर कांग्रेस में सियासी तूफान ⁕
  • ⁕ गडकरी ने भारत सरकार 12 साल के प्रवास के बारे में दी जानकारी, कहा- जो विकास 2014 से पहले देश में नहीं हुआ, वो 12 साल में हुआ है ⁕
  • ⁕ Buldhana: “दो दिन में खाद का बफर स्टॉक खोलो, नहीं तो अधिकारियों को भी देंगे फटका!”; DAP खाद की कमी पर रविकांत तुपकर आक्रामक ⁕
  • ⁕ Yavatmal: विधायक राजू तोड़साम की पत्नी की कार का एक्सीडेंट; पत्नी के सिर और ड्राइवर के पीठ में लगी चोट ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

डीयू के पूर्व प्रोफेसर साईबाबा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस


नागपुर: दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर और माओवादियों के साथ संबंध में रिहा हुआ जी एन साई बाबा (54) का निधन हो गया है। पिताशय के इलाज के लिए साईबाबा को हैदराबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। हालांकि, ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और शनिवार रात को उनका निधन हो गया। 

ज्ञात हो कि, माओवादियों से संबंध के आरोप पर गड़चिरोली पुलिस ने साईबाबा को मई 2015 में गिरकफ्यार किया था। वहीं 2017 में निचली अदालत ने माओवादियों से संबंध और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर अदालत ने यूएपिए एक्ट के साथ दोशी ठहराया था। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने भी निचली अदालत के फ़ैसले को सही बताया था।

हालांकि, अदालत के फ़ैसले को साईबाबा सहित अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। जिसपर सुनवाई करते हुए अदालत ने सजा पर रोक लगाई और मामले की दोबारा सुनवाई करने का आदेश दिया। जिसपर सुनवाई के बाद मार्च 2024 में अदालत ने साईबाबा सहीत सभी पांच आरोपियों को बरी कर दिया।