logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्य्ता पर विदेश मंत्री का बड़ा बयान, कहा- कभी कभी दुनिया देती नहीं है, उसे लेना चाहता हूँ


नागपुर: भारत (Bharat) पिछले कई सालों से संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nation) में स्थाई सदस्य्ता के लिए प्रयासरत है। दुनिया के तमाम देश भारत की स्थाई सदस्य्ता का समर्थन भी कर रहे है, लेकिन चाइना के वीटो के कारण भारत को परेशनी का सामना करना पड़ता है। इसी बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, "दुनिया कभी-कभी कोई चीज नहीं देती है, लेकिन उसे लेना पड़ता है।"

जयशंकर शनिवार को एक दिन के नागपुर पहुंचे थे, जहां एक कार्यक्रम में पूछे एक सवाल पर बोलते हुए यह बात कही। विदेश मंत्री ने कहा, "हर गुजरते साल के साथ, दुनिया में यह भावना बन रही है कि भारत को संयुक्त राष्ट्र के स्थाई सदस्य की कुर्सी पर होना चाहिए, और मैं उस समर्थन को महसूस कर सकता हूं। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि, दुनिया कभी कुछ चीजें आसानी से देती नहीं है। उसे आपको लेना पड़ता है।"

भारत के चीन से रिश्तों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि, दोनों देशों ने एक समझौता हुआ था, जिसके तहत सीमा पर दोनों देशों के सेना की संख्या सीमित होगी। हालांकि, 2020 में चीन ने इस समझौते को तोड़ते हुए वहां अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाई। जिसे देखते हुए हमने भी सैनिकों की संख्या बढ़ाई है। वहीं दोनों देशों के बिच होने वाले व्यापार पर बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि, हमने साफ तौर पर चाइना को बता दिया है। सीमा पर जंग और व्यापार नहीं चलेगा।