logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Maharashtra

महायुति में महामंडलों का फॉर्मूला तय, भाजपा को सबसे बड़ा हिस्सा; ये फार्मूला हुआ तय


मुंबई: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के नेतृत्व वाली महायुति सरकार (Mahayuti Government) में महामंडलों (State Corporations) के बंटवारे का फॉर्मूला आखिरकार तय हो गया है। सहयोगी दलों के बीच 48-29-23 का फार्मूला लागू किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अगले एक महीने के भीतर राज्य के विभिन्न महामंडलों में नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।

महायुति सरकार बनने के बाद से ही भाजपा (BJP), शिवसेना (Shivsena) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (Nationalist Congress party) के नेता व पदाधिकारी महामंडलों के बंटवारे का इंतजार कर रहे थे। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद पहल करते हुए इस लंबे समय से अटके मुद्दे को सुलझा दिया है। उन्होंने सभी सहयोगी दलों के नेताओं को जल्द से जल्द महामंडलों का बंटवारा पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

तय फार्मूले के अनुसार भाजपा को सबसे ज्यादा 48 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी, जबकि शिवसेना को 29 प्रतिशत और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 23 प्रतिशत महामंडल दिए जाएंगे। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि किस पार्टी को कौन-सा महामंडल मिलेगा। इसे लेकर आने वाले दिनों में महायुति के घटक दलों के बीच विस्तार से चर्चा होगी।

बताया जा रहा है कि महायुति की अगली बैठक में महामंडलों में सदस्य नियुक्ति और विभागों के बंटवारे पर चर्चा होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की बैठक में अंतिम सूची पर मुहर लगाई जाएगी। फिर तीनों दल अपने-अपने नेताओं और पदाधिकारियों की नियुक्तियों का फैसला करेंगे। इसी वजह से कई नेता अभी से अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं।

उधर राज्य में विधान परिषद चुनाव को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विधान परिषद की 17 सीटों के लिए अगले महीने 17 जून को चुनाव होना है। माना जा रहा है कि यदि यह चुनाव निर्विरोध होता है, तो महामंडल बंटवारे की प्रक्रिया और तेज हो सकती है। महायुति सरकार के भीतर अब महामंडलों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष के अंदरूनी समीकरणों पर सबकी नजर बनी रहेगी।