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बड़बोले नेताओं के भाषणों से परेशान होकर महिला नेता ने दिया इस्तीफा! शिल्पा बोडखे ने छोड़ी शिंदे की सेना


नागपुर: आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ऐन वक्त पर शिवसेना शिंदे समूह की प्रवक्ता और पश्चिम विदर्भ संपर्क प्रमुख प्रोफेसर शिल्पा बोडखे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. आठ महीने पहले शिल्पा बोडखे ने उद्धव ठाकरे पर आरोप लगाया था और उद्धव सेना छोड़कर शिंदेसेना में शामिल हो गई थीं. बोडखे ने कहा है कि उन्होंने अपना इस्तीफा महायुति में मौजूद बड़बोले नेताओं से तंग आकर दिया है.

शिल्पा बोडखे ने अपने इस्तीफे में कहा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे राज्य में खूब विकास कार्य कर रहे हैं. महायुति सरकार चलाते समय तीनों पार्टियां हिंदुत्व के मुद्दे को आगे बढ़ा रही हैं. लेकिन हमारे साथ मौजूद पार्टी के कुछ बड़बोले लोग जैसा मन में आए वैसी भाषा का इस्तेमाल कर दूसरों की आलोचना करते हैं. इससे धार्मिक कलह पैदा होगी और वह यह भी नहीं सोचे कि किस की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी. उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि क्या वाकई हिंदू धर्म में हमें दूसरों से नफरत करना सिखाया जाता है.

बोडखे ने पत्र कहा, “मैं भी एक हिंदू हूं लेकिन मेरी परवरिश में मुझे सभी का सम्मान करना, हर समुदाय का सम्मान बनाए रखना सिखाया गया है। राजनीति में मतभेद होने चाहिए लेकिन मनभेद नहीं। ये हमारे महाराष्ट्र की संस्कृति है.” 

उन्होंने कहा कि कई दिनों से इन बड़बोले नेताओं के भाषण से गुस्सा आ रहा है, उनके बयान से कहीं न कहीं आपके द्वारा किए गए काम पर असर पड़ रहा है. बयानबाजी करने वालों पर लगाम लगाने की बजाय उनके नेता अपने बयानों के समर्थन में जलेबियों की तरह गोल-गोल घुमाते नजर आ रहे हैं. इसलिए मैं वास्तव में ऐसे माहौल में काम नहीं करना चाहती।