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Gadchiroli

Gadchiroli: सीएम शिंदे ने किया सीआईआईआईटी केंद्र का उद्घाटन, बोले- संस्था रोजगार के साथ उद्यमी भी करेगा पैदा


गडचिरोली: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को गोंडवाना विश्वविद्यालय के परिसर में स्थापित सेंटर फॉर इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग' का उद्घाटन किया। इस दौरान बोलते हुए मुखयमंत्री ने कहा, "टाटा टेक्नोलॉजी का सीआईआईआईटी केंद्र पिछड़े और सुदूरवर्ती माने जाने वाले गढ़चिरौली जिले में न केवल रोजगार बल्कि सैकड़ों उद्यमी पैदा करने की क्षमता रखता है।"

ज्ञात हो कि, टाटा टेक्नोलॉजी और गोंडवाना विश्वविद्यालय के बीच जिले में कौशल विकास केंद्र खोलने के लिए समझौता हुआ था। इसी के मद्देनजर टाटा ने विश्वविद्यालय परिसर में 170 करोड़ की लागत से युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए सेंटर फॉर इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग का निर्माण किया गया है। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र की पूरी जानकारी भी ली। 

इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "टाटा टेक्नोलॉजी का यह कौशल विकास केंद्र गढ़चिरौली के विकास में बड़ी भूमिका निभाएगा. इसके माध्यम से प्रतिवर्ष 4800 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसलिए भविष्य में यहां से रोजगार के साथ उद्यमी भी निकलेंगे। जब मैं गढ़चिरौली का संरक्षक मंत्री था तब मैंने टाटा कंपनी से अनुरोध किया था। इसके नतीजे धीरे-धीरे दिखने लगे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "पालकमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस गढ़चिरौली पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हम सभी का ध्यान यहां बुनियादी ढांचे के निर्माण पर है। सूरजगढ़ की तरह शुरू हुई लौह परियोजना. इससे कई लोगों को रोजगार मिल रहा है. एयरपोर्ट सर्वे का काम भी अंतिम चरण में है. इसलिए गढ़चिरौली जिले में ऐसे कई प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहे हैं।" 

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि, "गढ़चिरौली की पहचान आदिवासी, पिछड़े के तौर पर है और नक्सलवाद खत्म हो चुका है. सूरजगढ़ जैसी परियोजना स्थापित की गई। उन्होंने कहा, अब 10-12 और ऐसी परियोजनाएं गढ़चिरौली में आने के इच्छुक हैं।" इससे उन्होंने सूरजगढ़, जेंडेपार क्षेत्र में प्रस्तावित लौह खदानें शुरू करने के संकेत दिए हैं।