Gadchiroli: विश्वजीत कोवासे की नियुक्ति पर कांग्रेस में बवाल, 10 तहसील अध्यक्षों समेत 100 से ज्यादा पदाधिकारियों का इस्तीफा
गडचिरोली: गढ़चिरौली कांग्रेस में जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खुली गुटबाजी में बदलता नजर आ रहा है। नए जिला अध्यक्ष विश्वजीत कोवासे की नियुक्ति के विरोध में दस तालुका अध्यक्षों समेत सौ से ज्यादा पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है। इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
गढ़चिरौली कांग्रेस में जिला अध्यक्ष पद को लेकर अंदरूनी संघर्ष खुलकर सामने आ गया है। यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी विश्वजीत कोवासे को हाल ही में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन उनकी नियुक्ति के बाद पार्टी के भीतर विरोध तेज हो गया। पूर्व जिला अध्यक्ष महेंद्र ब्राह्मणवाड़े के समर्थकों ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई है।
इसी बीच नए जिला अध्यक्ष विश्वजीत कोवासे ने 26 मई को शक्ति प्रदर्शन करते हुए पदभार ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मंत्री वसंत पुरके, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय चिकारा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस दौरान विजय वडेट्टीवार ने नई नेतृत्व टीम के साथ खड़े रहने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को समय पर अवसर मिलता है।
हालांकि शक्ति प्रदर्शन के अगले ही दिन पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ गया। करीब सौ से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुंबई पहुंचे और प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। इनमें दस तहसील अध्यक्ष भी शामिल बताए जा रहे हैं। नाराज नेताओं ने महेंद्र ब्राह्मणवाड़े को एक और मौका देने की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक असंतुष्ट गुट ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि प्रदेश स्तर पर उनकी मांगों पर फैसला नहीं हुआ, तो वे दिल्ली तक जाएंगे। ऐसे में गढ़चिरौली कांग्रेस में शुरू हुआ यह विवाद अब प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच गया है। स्थानीय निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है।
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