logo_banner
Breaking
  • ⁕ महायुति में अंदरूनी घमासान पर सीएम सख्त; वर्षा बंगले पर हुई समन्वय बैठक, 70-30 फंड और निगम बंटवारे के फॉर्मूले पर लगी मुहर ⁕
  • ⁕ महायुति सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, किसान कर्जमाफी योजना की दूसरी किस्त जारी; दो चरणों में 12.58 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ ⁕
  • ⁕ ईद-ए-मिलाद से पहले नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, परिमंडल-4 में दंगा काबू के लिए की गई रिहर्सल और रूट मार्च ⁕
  • ⁕ Amravati: शहर के 90 अस्पतालों को नवीनीकरण के निर्देश, नगर पालिका के बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Buldhana: बुलढाणा जिला बैंक में 'सहकार' पैनल की जीत, 21 में से 19 सीटें जीती ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में केवल दो मुख्यमंत्री ही कर पाए पांच साल का कार्यकाल पूर्ण, दोनों का विदर्भ से नाता


नागपुर: महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में, विदर्भ को अक्सर एक सीमांत क्षेत्र के रूप में देखा जाता है, जिसने चुपचाप एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है। 1960 में महाराष्ट्र के गठन के बाद से, अब तक शपथ लेने वाले 20 मुख्यमंत्रियों में से केवल दो ने ही सफलतापूर्वक पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। वो दो नेता हैं वसंतराव नाइक और देवेंद्र फडणवीस। नाइक और फडणवीस दोनों ही विदर्भ से हैं। 

महाराष्ट्र सरकार की वेबसाइट से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण तत्कालीन बॉम्बे राज्य के मुख्यमंत्री थे और 1 मई, 1960 को राज्य के गठन के बाद भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने रहे। मूल रूप से यवतमाल जिले के पुसद के रहने वाले नाइक ने तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। 

वे राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री बने, बाद में दिसंबर 1963 में मारोतराव कन्नमवार की मृत्यु के बाद उन्होंने पदभार संभाला। वे एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री थे जिनकी मृत्यु सेवाकाल के दौरान हुई। नाईक 1963 से 1975 तक 11 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे और वे महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले व्यक्ति हैं।

विदर्भ की विरासत को जारी रखते हुए, भाजपा के दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला हैं। राज्य के 64 साल के इतिहास पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले वे दूसरे व्यक्ति हैं। वो साल 2014 से 2019 तक सेवारत हैं। वर्तमान में फडणवीस सीएम के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। यदि वो अपना वर्तमान कार्यकाल पूरा करते हैं, तो महाराष्ट्र में लगातार दो पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले वो पहले नेता बन जाएंगे। आश्चर्य की बात यह है कि सात बार के विधायक फडणवीस के नाम महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी है, उनकी सरकार सिर्फ 4 दिन ही चली थी।