logo_banner
Breaking
  • ⁕ केंद्र सरकार ने मांगी सभी मांगे, सीजेपी ने आंदोलन किया समाप्त; बैठक के बाद हुई आधिकारिक घोषणा ⁕
  • ⁕ 'सरकार को झुकाकर ही दम लिया', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जश्न; दीपके का बड़ा दावा, कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार की उलटी गिनती शुरू ⁕
  • ⁕ आखिर धर्मेंद्र प्रधान ने दिया पद से इस्तीफा, कहा- देश के छात्रों को कुचक्र में नहीं फसने देंगे ⁕
  • ⁕ Chandrapur: नशे का कारोबार किया तो पूरी संपत्ति होगी सील, ड्रग तस्करी में शामिल पान दुकान पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Nagpur: व्हाट्सऐप पर मुनाफे का झांसा.., ई-कॉमर्स निवेश के नाम पर 4.45 लाख की साइबर ठगी ⁕
  • ⁕ Gondia: दासगांव में बड़ा हादसा: तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने 3 साल की बच्ची को कुचला, मौके पर ही मौत ⁕
  • ⁕ MPSC परीक्षाओं पर बड़ा फैसला: ऑनलाइन परीक्षा अगस्त 2027 तक टली, तब तक ऑफलाइन ही होंगी सभी परीक्षाएं ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Chandrapur

चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस की अंदरूनी जंग तेज, गुटनेता राजेश अडूर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सुगबुगाहट


चंद्रपुर: शहर महानगरपालिका में एक बार फिर कांग्रेस के भीतर गुटबाजी तेज होती नजर आ रही है। महानगरपालिका चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी कांग्रेस में शुरू से ही दो गुट सक्रिय रहे हैं। विधायक विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के नेतृत्व वाले गुटों में नगरसेवक बंटे हुए दिखाई दिए थे। इससे पहले कांग्रेस के गुटनेता पद को लेकर दोनों गुटों के बीच बड़ा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिला था। मामला पार्टी आलाकमान तक पहुंचा था और अंततः दिल्ली से मुहर लगने के बाद वडेट्टीवार गुट के राजेश अडूर को गुटनेता नियुक्त किया गया था। हालांकि अब राजेश अडूर को गुटनेता पद से हटाने के लिए धानोरकर गुट ने सक्रिय रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि गुटनेता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आवश्यक संख्या बल जुटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आवश्यक आंकड़ा हासिल करने हेतु धानोरकर गुट को अभी आठ नगरसेवकों की जरूरत है। बताया जा रहा है कि इनमें से वडेट्टीवार गुट के पांच से छह नगरसेवक धानोरकर गुट के संपर्क में आ चुके हैं।इन चर्चाओं के सामने आते ही वडेट्टीवार गुट में हलचल बढ़ गई है।

संभावित राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए वडेट्टीवार गुट ने भी अपने नगरसेवकों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है और पूरी तरह सतर्क रुख अपना लिया है। दोनों गुटों के बीच जारी इस सियासी खींचतान के बीच अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस के भीतर उठे इस नए राजनीतिक तूफान का अंत किस रूप में होता है और गुटनेता पद को लेकर चल रही जंग में आखिर जीत किसकी होती है।