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यह दुख की बात है आज़ादी के 75 साल बाद कोई किसान पीएम को जिम्मेदार ठहराते हुए आत्महत्या करता है- श्रीनेत


वाशिम: भारत जोड़ों यात्रा वाशिम में है.इस बीच कांग्रेस ने किसान आत्महत्या और महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पार्टी द्वारा ली गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा की यह दुख की बात है की आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी कोई किसान आत्महत्या करता है और अपने सुसाईड नोट में पीएम को संबोधित करते हुए कहता है की मेरी आत्महत्या के लिए आप ज़िम्मेदार है क्यूंकि आप को किसानों के लिए जो कदम उठाते जाने चाहिए थे वो नहीं उठाये गए है.श्रीनेत ने आरोप लगाया की बीते 8 वर्ष में किसानों,बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं हुआ.महंगाई लगातार बढ़ रही है जिस वजह से आम आदमी की क़मर टूट रही है.
 
श्रीनेत ने आरोप लगाया की मौजूदा सरकार महंगाई के नियंत्रण को लेकर पूरी तरह से असफ़ल रही है.अगर आप सवाल उठाते हुए कुछ पूछते है तो बात उत्तर की होती है जो भाजपा के नेता दक्षिण का ज़वाब देते है.जिस तरह से देश में ग़रीबी,महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है वह एक तरह का देशद्रोह है.श्रीनेत के अनुसार देश में ख़ुदारा महंगाई दर बीते 10 महीने से आरबीआई द्वारा तय पैमाने को तोड़ रही है.आरबीआई के मापदंड के अनुसार ख़ुदारा महंगाई दर 2 से 4 % के बीच या अधिकतम 6 % रहनी चाहिए लेकिन हालिया रेटिंग 6.77 दर्ज हुई है.
 
यह स्थिति बीते 10 महीने से है.इस दर के पैमाने को एमपीसी ने संसद में तैयार किया है.इस मुद्दे पर भाजपा ज़वाब देने को तैयार नहीं है.अगर हम सवाल उठाते है तो हमें अमेरिका में मंहगाई का उदहारण दिया जाता है लेकिन देश की महंगाई और अमेरिका की महंगाई दोनों विपरीत है.अमेरिका में भारतीय लोगों की तुलना में वेतन 15 गुणा अधिक है.
 
वह की सरकार ने कोरोना के समय लोगों की क्रय शक्ति को बनाये रखने के लिए मदत की जिस वजह से महंगाई बढ़ रही है जबकि हमारे देश में क्रय शक्ति ही नहीं है.मोदी जी रोजगार के लिए पकौड़ा तलने के लिए सलाह दी है तेल के दाम 70 रूपए से 220 रूपए हो गए है और रसोई गैस के दाम 410 से 1200 हो गए है.