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Maharashtra

जयंत पाटिल ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को कहे अपशब्द, भड़के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निलंबित करने की मांग


नागपुर: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता जयंत पाटिल ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। एनसीपी नेता के बयान पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित तमाम सत्ता पक्ष भड़क गया। इस दौरान खुद मुख्यमंत्री शिंदे ने एनसीपी नेता पाटिल को सदन से निलंबित करने की मांग की है।

दरअसल, दिशा सल्यान मामले को आज विधानसभा में सत्ता पक्ष के विधायक भरत गोगावले और नितेश राणे ने उठाया। इस दौरान दोनों नेताओं ने कथित हत्या मामले की जांच करने की मांग की। इसी के साथ यह भी कहा कि, आठ जून की रात को वहां कौन-सा मंत्री मौजूद था। इसका भी पता चलना चाहिए। सत्ता पक्ष ने नेताओं की इस मांग को लेकर सदन में जोरदार हंगामा किया। इस कारण पहली बार 10 मिनट और दूसरी बार 15 मिनट के लिए सदन की कार्रवाई स्थगित भी की गई।

फड़णवीस ने की मांग स्वीकार

सत्ता पक्ष नेताओं के हंगामा को देखते हुए उपमुख्यमंत्री और राज्य के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सत्ता पक्ष विधायकों की मांग स्वीकार करते हुए कहा कि, मामले की जांच एसआईटी से किया जाएगा। फडणवीस ने भी कहा कि जिनके पास इस संबंध में कोई सबूत है, वे इसे संबंधित पुलिस अधिकारियों को सौंप दें।

अजित पवार ने भी की मांग 

पवार ने कहा, “मैं अनुरोध करता हूं कि हम केवल भास्कर जाधव को थोड़ा बोलने दें। वहां 14 लोगों को बोलने दिया गया। मैंने यहां अकेले में बात की है। आप इस तरह हॉल कैसे चलाते हैं? यदि आप कहते हैं कि आज केवल भास्कर जाधव को बोलने दें, तो आप विपक्षी दल की बात नहीं सुन रहे हैं। क्या आप हॉल नहीं चलाना चाहते हैं? पूरी विपक्षी पार्टी कह रही है कि एक भास्कर जाधव को बोलने दीजिए। यह हमारा अनुरोध है।"

इस बीच भास्कर जाधव के बोलने की मांग खारिज होने के बाद जयंत पाटिल को बोलने देने की गुजारिश की गई। भास्कर जाधव भी यही मांग करने लगे। भास्कर जाधव ने कहा, 14 सदस्य सामने बोले, 14 बार स्थगित हुआ। हमें किसी सदस्य से बात नहीं करने दे रहे हैं। आप सदस्यों की जान ले लेंगे श्रीमान राष्ट्रपति।"

विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ दिया विवादित बयान

इसी दौरान जितेंद्र अवांडा ने विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा, 'आपको इतना बेशर्म नहीं होना चाहिए.' उस वक्त सत्ता पक्ष के विधायक नारेबाजी करने लगे। विधायकों ने मांग की, "जयंत पाटिल को निलंबित करें।" विधानसभा अध्यक्ष ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "जयंत पाटिल, हमसे यह उम्मीद नहीं की जाती है" और कार्यवाही स्थगित कर दी।