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Chandrapur

जोरगेवार बनाम मुनगंटीवार: चंद्रपुर महानगर अध्यक्ष पद पर जोरगेवार गुट की निर्णायक विजय


- पवन झबाड़े
 
चंद्रपुर: भारतीय जनता पार्टी की चंद्रपुर महानगर इकाई के अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चल रही गुटबाजी और रस्साकस्सी आखिरकार एक निर्णायक मोड़ पर पहुंची है। दो प्रभावशाली गुट एक ओर वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, तो दूसरी ओर आक्रमक नेता और विधायक किशोर जोरगेवारने इस पद को लेकर पूरी ताकत झोंक दी थी।

दोनों ही गुटों ने अपने-अपने समर्थक कार्यकर्त्यां को अध्यक्ष पद दिलाने के लिए जबरदस्त रणनीतिक मोर्चाबंदी की थी।अंततः जोरगेवार समर्थक सुभाष  कासनगोटूवार को चंद्रपुर महानगर बीजेपी अध्यक्ष पद की कमान सौंप दी गई है, जबकि मुनगंटीवार समर्थक हरीश शर्मा को दोबारा ग्रामीण जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

इस नियुक्ति से यह साफ हो गया है कि अब महानगर संगठन पर जोरगेवार गुट का प्रभाव मजबूत हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस बार मामला इतना गर्माया था कि पार्टी को  निरीक्षक भेजकर दोनों गुटों से राय लेनी पड़ी। इस दौरान शक्ति प्रदर्शन भी जमकर हुआ. किस गुट के पास कितने कार्यकर्ता, कैसा जनाधार, किसकी पकड़ मजबूत यह सब कुछ दिखाने की कोशिश की गई। आखिरकार अध्यक्ष पद की माला जोरगेवार गुट के गले में पड़ी, और मुनगंटीवार गुट को महानगर मे पीछे हटना पडा।

अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि मुनगंटीवार और उनके समर्थक आने वाले समय में कौन सी रणनीति अपनाते हैं। क्या संगठन के भीतर शांति बनी रहेगी, या यह गुटीय संघर्ष आगे और तीव्र होगा। इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।