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Maharashtra

लक्ष्मण हाके ने अपनी भूख हड़ताल की समाप्त, सरकार ने आगामी विधानसभा सत्र में चर्चा करने दिया आश्वासन


जालना: ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे लक्षमण हाके (Lakshman Haake) ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया दिया है। राज्य सरकार से की चर्चा और ओबीसी समाज को मिले आरक्षण में किसी भी तरह की छेडछाड नहीं करने के आश्वासन मिलने के बाद हाके आने अपना आंदोलन स्थगित किया है। वहीं सरकार ने 27 जून से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में सर्वदलीय बैठक और आरक्षण पर चर्चा करने की बात भी कही है। 

पिछले 10 दिनों से चल रहा था आरक्षण

मराठा को ओबीसी से आरक्षण नहीं मिलना चाहिए इसको लेकर लक्ष्मण हाके और नवनाथ वाघमारे भूख हड़ताल कर रहे थे। पिछले 10 दिनों से दोनों हड़ताल पर बैठे हुए थे। इस दौरान सभी पार्टियों के तमाम बड़े नेता आंदोलन स्थल पर पहुंचे और उनसे मुलाकात की। शनिवार को राज्य सरकार का प्रतिनिधि मंडल भी मौके पर पहुंचा। जिसमें मंत्री छगन भुजबल, गिरीश महाजन सहित अन्य मंत्री शामिल थे। 

सरकार ने मानी दो मांगे

आंदोलन स्थगित करने का ऐलान करते हुए कहा कि, "हमारी दो मांगें मान ली गई हैं। सहयोगी दलों का अध्यादेश आना है, जिसके आने से पहले सभी दलों के नेताओं की बैठक होने वाली है। बिना बैठक के सोयसॉग का अध्यादेश पारित नहीं होगा। तीसरी बात यह थी कि फर्जी कुनबी प्रविष्टि पर आपत्ति जताई गई थी। सरकार ने कहा है कि फर्जी कुनबी प्रमाणपत्र देने और लेने वालों पर कार्रवाई की जायेगी।"

उन्होंने आगे कहा, "एक कार्यकर्ता के तौर पर मैं कह रहा हूं कि प्राथमिकता प्रमाण पत्र देने वाली सरकार से हमें न्याय की उम्मीद है, अब उस पर विश्वास नहीं है। क्योंकि इस पर लाखों आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं, उन आपत्तियों का श्वेत पत्र उपलब्ध नहीं है तो यह आंदोलन नहीं रुकेगा। इस आंदोलन को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठजनों व समन्वय समिति के निर्देश पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया है।