logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Maharashtra

महाराष्ट्र बंद को उच्च न्यायालय ने बताया संविधान के खिलाफ, महाविकास आघाड़ी ने आंदोलन लिया वापस


नागपुर: बदलापुर की घटना से राज्य की सियासत गरमाई हुई है। विपक्ष सत्ता पक्ष पर इसको लेकर हमलावर है। वहीं बंद को मुंबई हाईकोर्ट ने संविधान के विरुद्ध बता दिया है। अदालत के आदेश के बाद महाविकास आघाड़ी नेताओं ने बंद का आवाहन वापस ले लिया है। जिसके बाद अब नेता केवल मुंह बन्द कर आंदोलन करेंगे।

बदलापुर की घटना के विरोध में महावीकास आघाड़ी ने 24 अगस्त को एक दिन का बंद बुलाया था। बंद के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में याचिका लगाई है। जिसपर सुनवाई करते हुए अदालत ने बंद को असैवाधनिक बताया। इसी के साथ अदालत ने कहा कि, किसी भी दल ने अगर बंद बुलाया तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

पवार ने बंद वापस लेने की मांग

बंद के खिलाफ अदालत की टिप्पणी और रुख को देखते हुए शरद पवार ने महाविकास आघाड़ी नेताओं से बंद वापस लेने की मांग की। पवार की मांग को कांग्रेस और शिवसेना नेताओं ने मान लिया है। जिसके बाद आंदोलन को वापस ले लिया गया। हालांकि, अब आघाड़ी नेताओं ने शनिवार को सुबह 11 से 12 बजे तक मुंह पर कला कपड़ा बांधकर आंदोलन करेंगे।