logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Maharashtra

उलेमाओं के तलवे चाटने का काम कर रही महाविकास अघाड़ी: फडणवीस


मुंबई: उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में कहा था कि उलेमा बोर्ड द्वारा महाविकास अघाड़ी को 17 मांगें की गई थी जिसे एमवीए ने कुबूल कर लिया। इस मामले के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन मांगों से उन्हें कोई दिक्कत नहीं लेकिन उसमें कुछ मांगें ऐसी हैं, जिसका वो विरोध करते हैं। वहीं, महाविकास अघाड़ी ने ऐसी अनैतिक मांगों को भी पूरा करने के लिए हामी भर दी है।     

फडणवीस ने कहा, “महाविकास अघाड़ी ने मुस्लिम उलेमाओं के तलवे चाटने शुरू कर दिए हैं। अभी उलेमा काउंसिल ने उन्हें अपना समर्थन देने की घोषणा की है, उन्होंने 17 मांगें रखी थीं और एमवीए ने औपचारिक पत्र दिया है कि हम उन 17 मांगों को स्वीकार करते हैं।

उन्होंने कहा, “अगर कोई मांग रखता और कोई मांग मानता है, मुझे इस पर कोई आपत्ति नहीं है। उनमें से एक मांग यह है कि 2012 से 2024 तक महाराष्ट्र में हुए दंगों के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों पर जो मामले दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस लिया जाए। यह किस तरह की राजनीति है?”