logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में 'ईंधन' नहीं, 'अफवाह' की आग: क्यों सूखे पड़ रहे हैं पेट्रोल पंप? जानिए इस बेचैनी के पीछे का असली सच! ⁕
  • ⁕ Nagpur: चाय दुकानदार से 40 हजार की रंगदारी की मांग, इनकार करने पर दी जान से मारने की धमकी ⁕
  • ⁕ स्नैपचैट और कैफे पर दोस्ती, शादी का झांसा देकर बलात्कार; पुलिस ने पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में मामला किया दर्ज ⁕
  • ⁕ Nagpur: रामनवमी पर नागपुर में हाई अलर्ट, 2500 पुलिसकर्मी सुरक्षा में रहेंगे तैनात ⁕
  • ⁕ भारत का 'मिशन गैस ग्रिड': केंद्र सरकार का बड़ा आदेश, अब हर घर तक पाइपलाइन से पहुंचेगी गैस; एलपीजी पर निर्भरता होगी खत्म! ⁕
  • ⁕ नागपुर में 'बर्ड फ्लू' की दस्तक: सेमिनरी हिल्स 'बाधित क्षेत्र' घोषित, अंडे और चिकन की बिक्री पर 21 दिनों का प्रतिबंध ⁕
  • ⁕ जामसांवली धाम में उमड़ेगा भक्ति का महासागर: "हनुमान लोक" का प्रथम चरण हुआ पूरा, मुख्यमंत्री मोहन यादव 26 मार्च को करेंगे लोकार्पण ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

गगनचुंबी इमारत निर्माण के दौरान बड़ी लापरवाही, 10वीं मंजिल से गिरा 15 फूट लंबा लोहे का रॉड; टला बड़ा हादसा


नागपुर: नागपुर में विकास की रफ्तार अब लोगों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। सोचिए, अगर आप अपने घर के बाहर खड़े हों और अचानक 10वीं मंजिल से 15 फीट लंबी लोहे की रॉड आपके सामने आ गिरे तो क्या होगा? शहर के हजारीपहाड़ इलाके में ऐसा ही एक खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां एक चूक ने पूरे इलाके को दहला दिया और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वहीं इस हादसे के बाद गगनचुंबी इमारतों के निर्माण के दौरान नियमों का कितना पालन हो रहा इस पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। 

उपराजधानी नागपुर देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है। शहर में लगातार ऊंची इमारतों का निर्माण तेजी से हो रहा है। हालांकि, इन निर्माण कार्यों के दौरान जरूरी सुरक्षा उपायों और नियमों की अनदेखी की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला शहर के हजारीपहाड़ परिसर से सामने आया है। यहां मित्तल बिल्डर द्वारा ‘अटलांटिस’ नामक 22 मंजिला इमारत का निर्माण किया जा रहा है। जिस स्थान पर यह निर्माण कार्य चल रहा है, उसके आसपास घनी रिहायशी कॉलोनियां स्थित हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए निर्माण किया जा रहा है। मलबा, सीमेंट और रेत अक्सर आसपास के घरों में गिरते रहते हैं। इसको लेकर नागरिकों ने कई बार शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। निर्माणाधीन इमारत की 10वीं मंजिल से करीब 15 फीट लंबा लोहे का रॉड नीचे गिर गया। यह रॉड पहले किसन गावंडे के मकान पर गिरा और फिर उछलकर सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद क्षेत्र में रोष का माहौल है। नागरिकों ने बिल्डर के प्रतिनिधि से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई और सख्त सुरक्षा उपायों के साथ ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की मांग की।

इस हादसे को बिल्डर ने मानवीय त्रुटि बताया है। मित्तल बिल्डर के प्रोजेक्ट हेड भरत केशरवानी के अनुसार, बढ़ती गर्मी को देखते हुए सुरक्षा उपायों के तहत मैट लगाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान 10वीं मंजिल से एक लोहे की रॉड नीचे गिर गई। घटना को गंभीर मानते हुए बिल्डर प्रतिनिधि ने बताया कि एहतियातन तीन दिन तक काम बंद रखा जाएगा और सभी सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही काम दोबारा शुरू किया जाएगा।