छात्रों और शिक्षकों को बड़ी राहत! गर्मी और तापमान को देखते स्कुल खुलने की तारीखों में होगा बदलाव; मंत्री भोयर ने की घोषणा
नागपुर: विदर्भ (Vidarbha) सहित महाराष्ट्र (Maharashtra) में दिनों-दिन बढ़ती गर्मी और लू के थपेड़ों को देखते हुए राज्य सरकार (Maharashtra Government) छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील नजर आ रही है। बढ़ती गर्मी और तापमान को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। शिक्षा राज्य मंत्री पंकज भोयर (Pankaj Bhoyar) ने बड़ा बयान देते हुए संकेत दिए हैं कि यदि आगामी 15 जून के बाद भी तापमान (Temperature) में गिरावट नहीं आई और गर्मी का प्रकोप इसी तरह बरकरार रहा, तो जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। गुरुवार को नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कही।
मंत्री पंकज भोयर ने स्पष्ट किया कि छात्रों को चिलचिलाती धूप और हीटवेव से बचाने के लिए स्कूलों को दोबारा खोलने की निर्धारित तारीख को आगे बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और इस संबंध में सरकार जल्द ही अंतिम निर्णय लेगी। भोयर ने आगे कहा कि, "छात्रों को दोपहर की भीषण गर्मी से राहत देने के लिए नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) ने एक बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत होने वाली सभी परीक्षाओं को अगले वर्ष से दोपहर के बजाय सुबह के सत्र (Morning Shift) में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की भीड़ कम करने और उन्हें सहूलियत देने के लिए केंद्रों की कुल संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी।
26 जून से शुरू होंगी स्कुल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने स्कूलों के शुरू होने की तारीखों में बदलाव कर दिया है। इसके तहत अब राज्य में 15 जून के बदले 26 जून को खुलेंगी। इसको लेकर महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल को निर्देश भी दे दिए गए हैं। सरकार के इस निर्णय से छात्रों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
26 जून से शुरू होंगी स्कुल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने स्कूलों के शुरू होने की तारीखों में बदलाव कर दिया है। इसके तहत अब राज्य में 15 जून के बदले 26 जून को खुलेंगी। इसको लेकर महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल को निर्देश भी दे दिए गए हैं। सरकार के इस निर्णय से छात्रों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
प्ले-स्कूलों पर नकेल की तैयारी
शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमन को लेकर भी सरकार एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाने जा रही है। लंबे समय से मांग की जा रही थी कि सभी प्री-प्राइमरी स्कूलों (प्ले-स्कूल/किंडरगार्टन) का शासन के पास आधिकारिक पंजीकरण अनिवार्य होना चाहिए। इस मांग पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है और इसका एक विस्तृत मसौदा (Draft) तैयार कर लिया गया है।
वर्तमान में इस कानून के मसौदे को अंतिम मंजूरी के लिए विधि एवं न्याय विभाग (Law and Judiciary Department) के पास भेजा गया है। सरकार की पूरी कोशिश है कि विधि व न्याय विभाग से आवश्यक अभिप्राय और हरी झंडी मिलते ही, आगामी विधानसभा सत्र में ही इस 'प्री-प्राइमरी स्कूल रजिस्ट्रेशन एक्ट' को सदन के पटल पर मंजूरी के लिए पेश कर दिया जाए। मंत्री पंकज भोयर के अनुसार, राज्य सरकार विद्यार्थियों के हितों और उनके भविष्य के लिए पूरी तरह संवेदनशील है।
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