बुलढाणा में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने भाजपा में जाने का किया ऐलान
बुलढाणा: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को उनके गृह जिले बुलढाणा में बड़ा झटका लगा है। पूर्व विधायक और बुलढाणा जिला अध्यक्ष रहे राहुल सिद्धविनायक बोंद्रे ने कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। बोंद्रे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसकी घोषणा की।
बोंद्रे ने अपने संदेश में कांग्रेस के साथ लंबे राजनीतिक सफर के दौरान मिले अवसरों और सहयोगियों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि, "कांग्रेस ने उन्हें कई अवसर और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दीं तथा राजनीतिक जीवन में कई आत्मीय संबंध भी बने।" साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश करने का निर्णय लिया है।
22 सितंबर को मुंबई में प्रवेश की चर्चा
राहुल बोंद्रे के BJP में औपचारिक प्रवेश की तारीख को लेकर राजनीतिक हलकों में 22 सितंबर 2026 की चर्चा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और चिखली की भाजपा विधायक श्वेता महाले की मौजूदगी में प्रवेश कार्यक्रम हो सकता है। हालांकि, बोंद्रे की ओर से जारी घोषणा में प्रवेश का स्थान और समय स्पष्ट रूप से घोषित नहीं किया गया है।
दो बार रह चुके हैं चिखली के विधायक
राहुल बोंद्रे चिखली विधानसभा क्षेत्र से 2009 और 2014 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों में उनका मुकाबला भाजपा की श्वेता महाले से हुआ। दोनों चुनावों में बोंद्रे को हार का सामना करना पड़ा। उपलब्ध विधानसभा रिकॉर्ड में भी 2014 के बाद चिखली सीट से राहुल बोंद्रे का कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में उल्लेख मिलता है। बोंद्रे लंबे समय तक बुलढाणा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। मई 2026 में यह जिम्मेदारी प्रकाश पाटील को सौंपे जाने के बाद से उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज थीं।
चिखली के राजनीतिक समीकरणों पर नजर
राहुल बोंद्रे के BJP में जाने के निर्णय के बाद चिखली के साथ-साथ पूरे बुलढाणा जिले की राजनीति में इस घटनाक्रम की चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि बुलढाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ का गृह जिला है। ऐसे में बोंद्रे के दल-बदल को स्थानीय राजनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
अब सभी की नजर 22 सितंबर को होने वाले संभावित प्रवेश कार्यक्रम और बोंद्रे के साथ भाजपा में जाने वाले समर्थकों व कार्यकर्ताओं की संख्या पर है। प्रवेश के बाद चिखली की स्थानीय राजनीति में क्या बदलाव होते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
admin
News Admin